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किराया ले लो, यहां से चले जाओ: हैलट में भर्ती रोगी को गेट पर छोड़ा, मरीज के दो वीडियो आए सामने, मामला उलझा

Mon, 14 Aug 2023 02:12 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

कानपुर में हैलट में भर्ती रोगी को गेट पर छोड़ दिया गया। हड़कंप मचने पर रोगी को फिर भर्ती कराया गया। रोगी के दो वीडियो आए सामने हैं, एक में हैलट तो दूसरे में उर्सला में खुद के भर्ती होने की बात बताई है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक और मेडिकल कॉलेज प्राचार्य के विरोधाभासी बयानों से मामला उलझ गया है।
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अस्पताल में भर्ती मरीज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर के हैलट के वार्ड नंबर पांच में भर्ती रोगी पवन कुमार को आधी रात को वार्ड से उठाकर हैलट गेट पर छोड़ दिया गया। उसके एक पैर में सड़न है और रोगी चलने के लायक नहीं है। वायरल वीडियो में रोगी बता रहा है कि उसे स्ट्रेचर से लाकर गेट पर छोड़ा गया। इसकी खबर मिलने पर गार्ड और वार्ड बॉय ने उसे फिर इमरजेंसी में भर्ती करवाया। 
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घटना से हैलट प्रबंधन में खलबली मच गई। हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि सोमवार को जांच की जाएगी कि वह अस्पताल के गेट तक कैसे पहुंचा? वहीं सोशल मीडिया पर बाद में और रोगी का एक और वीडियो भी सामने आया है।

हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके सिंह के अनुसार बाकरगंज, बाबूपुरवा के रहने वाले रोगी पवन कुमार (35) को बुधवार को सर्जरी विभाग के डॉ. गोविंद त्रिवेदी के अंडर में भर्ती किया गया था। उसके पैर की खाल में सड़न है। वार्ड पांच में उसका इलाज चल रहा था। इसके बाद वह शनिवार देर रात हैलट गेट पर पड़ा मिला।
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सुरक्षाकर्मी ने रोगी के गेट पर पड़े होने की सूचना इमरजेंसी मेडिकल अफसर और पीआरओ को दी। इसके बाद स्ट्रेचर से उसे इमरजेंसी लाया गया भर्ती करके इलाज शुरू कर दिया। अपने सामने उन्होंने रोगी की मरहम पट्टी करवाई।

वहीं रोगी के गेट तक पहुंचने को बाद में एक अन्य वीडियो भी सामने आया। पहले में वह हैलट में भर्ती होने की बात बता रहा है और दूसरे में उर्सला में भर्ती होने की बात कह रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि रोगी के भाग जाने की सूचना हैलट पुलिस चौकी को दी गई। 

 

इसके बाद उसे गेट पर फेंका गया। रोगी को दोबारा भर्ती किया गया तो उसकी फाइल फिर बनाई गई और उसे इमरजेंसी से वार्ड नंबर छह में भेजा गया। वहां भर्ती न किए जाने पर उसे वार्ड पांच में भेजा गया। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सिंह ने बताया कि वार्ड छह में जगह नहीं थी। इससे वार्ड पांच में रखा गया।
 

पहले वीडियो में आरोप, किराया ले लो, यहां से चले जाओ
वार्ड में हमसे हमसे कहते थे कि पैसा ले लो, किराया ले लो। यहां से चले आओ, नहीं तो यहां मर जाओगे। यहां तुम्हारा इलाज नहीं हो पाएगा। तुम्हारी जांघ सड़ चुकी है। डॉक्टर साहब ने स्ट्रेचर पर बैठलवा दिया। छोड़ आए।

दूसरे वीडियो में बोला, पहले उर्सला गए, हैलट में पट्टी हो रही
पहले उर्सला गए। पैर तब इतना नहीं सड़ा था। वहां खाली पट्टी कर दी। सात दिन बाद देखा तो पैर सड़ चुका था। वहां सरदार जी आते थे, उनके फोन करने पर दो दिन में पट्टी होने लगी, दवा नहीं मिलती थी। यहां (हैलट) में पट्टी हो रही है।

विरोधाभासी बयान
रोगी उर्सला में भर्ती था, वहां से कोई छोड़ गया

रोगी उर्सला में भर्ती था। वहां से कोई यहां गेट पर छोड़ गया। रोगी ने अपने ब्यान में खुद कहा है। उसे हैलट में भर्ती करके इलाज किया जा रहा है।-डॉ. संजय काला, प्राचार्य जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज
 
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रोगी को बुधवार को हैलट में भर्ती किया गया था
रोगी पवन को बुधवार को भर्ती किया गया था। शनिवार रात वह गेट के बाहर मिला। उसे भर्ती करके इलाज शुरू करा दिया गया। वह बाहर कैसे पहुंचा? जांच कराएंगे।
डॉ. आरके सिंह, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक हैलट
 
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