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साथ ही, प्रभात शुक्ला और आर्यन को साक्ष्य मिटाने का भी दोषी माना गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में कुल 14 गवाह पेश किए गए थे। 13 जनवरी को अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था। गौरतलब है कि 30 अक्टूबर 2023 को हाईस्कूल के छात्र कुशाग्र का कोचिंग जाते समय अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले ने शहरभर में गहरी प्रतिक्रिया पैदा की थी।