इमरजेंसी में कोई देख ही नहीं रहा, सभी कहते रहे हड़ताल है
औरैया के रामपुर रामसहाय गांव के रहने वाले कुलदीप की नानी गंगादेवी (70) की हालत गंभीर थी। उनके कुछ दिन पहले ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद तबीयत बिगड़ गई और धड़कन बढ़ गई। दोपहर को वे एंबुलेंस से हैलट इमरजेंसी पहुंचे तो वहां से टरका दिया गया। इसके बाद कार्डियोलॉजी दिखाने के लिए आए। कुलदीप ने बताया कि इमरजेंसी में कोई देख ही नहीं रहा। सभी कहते रहे कि हड़ताल है। उदयीपुरवा, कन्नौज के रहने वाले प्रेमचंद्र ने बताया कि उनके भाई दुलारे (54) के हाइड्रोसील का ऑपरेशन हुआ है, अभी घाव नहीं भरा और डॉक्टर डिस्चार्ज कर रहे। रोगी को तकलीफ में लेकर कहां जाएं।
कार्डियोलॉजी में सिर्फ हार्ट अटैक के रोगी भर्ती किए
एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में भी शनिवार को ओपीडी बंद रही और सिर्फ हार्ट अटैक के रोगियों को ही भर्ती किया गया। दूसरे हृदय रोगियों को टरका दिया गया। बाहर से आए रोगी परिसर में भटकते रहे। प्रयागराज से आए हृदय रोगी महेश (56) ने बताया कि आज उन्हें बुलाया गया था। डॉक्टरों ने देखा ही नहीं। घाटमपुर के रहने वाले दीपक कश्यप शुक्रवार शाम आए थे। वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ इमरजेंसी के बगल में लेटे हैं। शनिवार को दोपहर तक चार रोगी मृतावस्था में कार्डियोलॉजी लाए गए।