देश के स्वतंत्रता संग्राम में कन्नौज के सेनानी कालीचरण टंडन ने 1930 से 1947 के बीच तीन बार छह माह का और एक बार 15 माह का कठोर कारावास भोगा। इसके अलावा इन पर 500 रुपये जुर्माना भी लगा। जिसकी वसूली के लिए ब्रिटिश हुकूमत ने उनकी दुकान से चांदी की सिल्ली जब्त करके नीलाम कर जुर्माने की राशि वसूल की थी।
सन 2002 में छिबरामऊ में स्वतंत्रता सेनानी जुगुलकिशोर सक्सेना के पुत्र सुप्रभाष सक्सेना के संयोजन में प्रादेशिक स्वतंत्रता सेनानी सम्मेलन हुआ था। इसमें कन्नौज जनपद के विख्यात स्वतंत्रता सेनानी कालीचरण टंडन भी आए थे।