बाबा बोला, साजिश के तहत हुआ है
कंट्रोल रूम में छानबीन के बाद पुलिस की टीम ने बाबा से अकेले में करीब 30 मिनट तक पूछताछ की। इसके साथ ही सादे कागज में उसके बयान दर्ज किए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बाबा आखिर तक यही कहता रहा कि उसने किसी से मारपीट नहीं की। उसे और सनातन धर्म को नीचा दिखाने के लिए साजिश की जा रही है। वहीं, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने जल्द से जल्द पूरे मामले की जांच पूरी करने का आदेश दिया है।
विवेचक ने बाबा पूछे ये सवाल
विवेचक : 22 फरवरी को डॉ. सिद्धार्थ चौधरी परिवार के साथ आए थे तो क्या हुआ था?
बाबा : मैं तो आश्रम में अपने केबिन में बैठा था, बातचीत करने के दौरान उन्होंने चमत्कार दिखाने को कहा तो मैंने मना कर दिया कि यहां कोई चमत्कार नहीं दिखाया जाता है। इसके बाद वह मुझे धन्यवाद बोलकर चले गए थे।
विवेचक : आश्रम में मारपीट क्यों हुई थी?
बाबा: मुझे मारपीट के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। यहां तो बिना छूए बीमारियों का इलाज किया जाता है।
विवेचक : आप एक वीडियो में डॉक्टर सिद्धार्थ को साले पागल को हटाओ यहां से कहते दिख रहे हैं? इसके बाद आपके सेवादारों ने डॉक्टर पर हमला कर दिया।
बाबा : अगर मेरे ऊपर कोई हमला करने या अपशब्द कहने का प्रयास करता है, तो यहां के सेवादार उसे बाहर निकाल देते हैं। डॉक्टर के साथ भी यही हुआ होगा।
विवेचक : इस पूरे मामले को लेकर आपका क्या कहना है?
बाबा : मैंने डॉक्टर से कोई मारपीट नहीं की है। पुलिस ने बगैर जांच-पड़ताल किए मेरे नाम एफआईआर दर्ज कर दिया है। किसी भी वीडियो फुटेज में मैं डॉ. सिद्धार्थ के साथ मारपीट, अभद्रता या धक्का-मुक्की करते नहीं दिखा हूं।
विवेचक : डॉ. सिद्धार्थ से आप किसी तरह से पूर्व परिचित हैं?
बाबा : नहीं... मैं डॉ. सिद्धार्थ और उनके परिवार को किसी भी तरह से नहीं जानता हूं।
डॉक्टर सिद्धार्थ और बाबा से जुड़े तीन वीडियो बने अहम साक्ष्य
जांच के दौरान पुलिस को तीन वीडियो फुटेज मिले हैं। पहला वीडियो बाबा और डॉक्टर सिद्धार्थ की बातचीत का है। इसमें आश्रम में चमत्कार दिखाने की बात हो रही है। दूसरा वीडियो, आश्रम के अंदर बाबा माइक पर कहता दिख रहा है कि यहां से हटाओ पागल को। इसके बाद बाबा के सेवादारों ने डॉक्टर से मारपीट शुरू कर दी और धक्का मारकर बाहर निकाल दिया था। तीसरा वीडियो, डॉक्टर के सिर पर गंभीर चोट का है। माना जा रहा है कि पुलिस इन वीडियो के आधार पर बाबा और उनके सेवादारों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर सकती है।
आश्रम में एलआईयू की टीम भक्त बनकर कर रही निगरानी
पुलिस सूत्रों के अनुसार करौली आश्रम में मारपीट का मामला सामने आने के बाद लोकल इंटेलिजेंस यूनिट यानी एलआईयू भी अपने स्तर से जांच कर रही है। एलआईयू के कई अफसर सिविल ड्रेस में भक्तों की तरह आश्रम पहुंचे और पूछताछ कर रहे हैं। एलआईयू से भी पुलिस कमिश्नर और शासन ने पूरे मामले को लेकर अपनी रिपोर्ट मांगी है।