इनसे प्रतिदिन औसतन आश्रम में होने वाली आमदनी ही औसतन 30 से 40 लाख रुपये है। आश्रम के पैसों को गिनने के लिए करौली समेत आसपास गांव के करीब 50 युवकों को प्रति माह 10 हजार रुपये वेतन पर रखा गया है, जो सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में सुबह से शाम तक मशीनों की मदद से रुपये गिनते हैं।
आश्रम परिसर में ही होटल और कैंटीन
सूत्रों ने बताया कि करीब 14 एकड़ में बाबा ने आश्रम फैला रखा है। परिसर में ही रुकने के लिए सामान्य से लेकर उच्च व्यवस्थाओं से लैस होटल है, जिनका किराया 1000 से लेकर ढाई हजार रुपये प्रतिदिन का है। इसके अलावा परिसर में ही बैंक का एटीएम, कैंटीन, आईस्क्रीम पार्लर, ट्रैवल एजेंसी आदि की सुविधाएं मिलती हैं।
200 रुपये चुराने पर पीटा गया था युवक
सूत्र बताते हैं कि करीब डेढ़ माह पूर्व गांव के एक युवक ने रुपये गिनने के दौरान 200 रुपये चुरा लिए थे। इसकी जानकारी बाबा को सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से हुई, तो युवक को बाउंसरों से पिटवाया था। इसके विरोध में गांव के 20 युवकों ने एक साथ काम छोड़ दिया था। हालांकि, बदनामी के डर से खुद पुलिस से शिकायत नहीं की थी।
दिल्ली से जांच को आने वाली टीम की अधिकारी ने दी थी सूचना
करीब एक साल पहले आश्रम में दिल्ली की एक टीम छापा मारने पहुंची थी। सूत्र बताते हैं कि आश्रम में कोरोना के चलते लॉकडाउन लागू होने की अफवाह फैला कर सभी श्रद्धालुओं को वापस कर दिया गया था। इस बीच जिले के एक बड़े अधिकारी ने खुद आश्रम में पहुंच कर करौली सरकारी को पड़ने वाले छापे की जानकारी दी थी।