पंचायत के बाद दोनों के परिवार हुए थे राजी
उनका प्यार धीरे-धीरे परवान चढ़ता गया। इसके बाद दोनों ने शादी करने का मन बना लिया, लेकिन धर्म आड़े आने लगा। इस पर युवती ने विधायक से संपर्क पूरी बात बताई, जिसके बाद गांव में इसको लेकर पंचायत बैठी। दोनों के परिजन मजहब की दीवार तोड़ इस शादी को राजी हो गए।
दोनों पक्षों की सहमति से हुई शादी
गुरुवार दोपहर 12 बजे दोनों ने मंदिर में शादी रचा ली और इसके बाद दोनों हमेशा के लिए एक दूसरे के हो गए। विधायक ने बताया कि दोनों पक्षों को समझाकर और सहमति से शादी कराई गई है। उन्होंने कहा कि लोग हिंदू-मुस्लिम कहकर राजनीति की रोटियां सेंकने में लगे है। ऐसा नहीं होना चाहिए।
प्रेमी जोड़ा बोला- हम जीवनभर रहेंगे साथ
वहीं शादी के जोड़े में बैठे अमन और खुशनुमा ने कहा कि हम दोनों ने अपनी मर्जी से शादी की है। किसी के दबाब में नहीं। खुशनुमा ने कहा कि जीवन भर उनका साथ निभाऊंगी। हम दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे। प्रेम को कोई मजहब नहीं होता है।