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Kanpur: गंगा उफनाई तो 12 मकानों में दरारें आईं, डर से छह परिवारों ने छोड़ा घर

Tue, 12 Aug 2025 11:54 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: नवाबगंज में गंगा से सटे रानीघाट में कटान शुरू। आधा दर्जन गांव पानी से घिर गए। कई मकान गिरने के कगार पर हैं।
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मकानों में दरारें आईं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार को गंगा खतरे के निशान के करीब बह रही थी। इस वजह से गंगा बैराज से सटे आधा दर्जन से अधिक गांवों में पानी पहुंच गया है। इन गांवों के निवासी व बच्चे नाव और स्टीमर से आवागमन कर रहे हैं। पानी की वजह से रानीघाट के 12 मकानों में दरारें आ गई हैं। छह परिवार अपने मकानों में ताला लटकाकर पलायन कर गए हैं। कई मकान गिरने के कगार पर हैं।
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नवाबगंज में गंगा से सटे रानीघाट में कटान शुरू हो गया है। यहां हर साल दो तरफ से पानी बढ़ता है। इस बार भी यही हाल है। क्षेत्र के रहने वाले बबलू, सीमा, गौर शंकर सैनी, नीतू आदि के मकानों में दरारें आ गई हैं। सरवन के मकान में पिछले साल हल्की दरार आई थी। इस बार डेढ़ इंच की दरार आने से पूरा परिवार दहशत में था। घर में ताला डालकर पूरा परिवार किसी रिश्तेदार के यहां रहने चला गया है। इसी तरह गौरी शंकर सैनी भी परिवार सहित पलायन कर गए हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि पानी घरों के भीतर तो नहीं आया लेकिन तेजी से बढ़ रहा है। कटान की वजह से दरारें आ रही हैं।

बैराज के अधिकारियों ने मंगलवार को गंगा में पांच लाख क्यूसेक पानी आने और जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाने की आशंका जताई थी। हालांकि तीन लाख 40 हजार 179 क्यूसेक पानी ही आया और जलस्तर चेतावनी बिंदु 114 मीटर को पार कर 114.08 मीटर पर पहुंच गया। अब गंगा खतरे के निशान 92 सेमी कम है। शुक्लागंज की तरफ जलस्तर 112.46 मीटर दर्ज किया गया। मंगलवार को नरौरा से दो लाख 600 तो हरिद्वार से एक लाख 29 हजार 829 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पानी बढ़ने पर बैराज के सभी 30 गेट खोलकर तीन लाख 40 हजार 179 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। प्रशासन कटरी से सटे इलाकों पर नजर रखते हुए सतर्कता बनाए है।
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मकानों में दरारें आईं - फोटो : अमर उजाला
दूसरा कमरा भी गिरने के कगार पर
पिछले साल पानी बढ़ने पर एक कमरा और शौचालय भरभरा कर गिर गया था। उसे बनवा नहीं पाए और अब दूसरा कमरा भी गिरने के कगार पर है। - नीतू, रानीघाट

धंस रही फर्श
घर की फर्श धंसने के साथ ही दरारें आ रही हैं। सीमेंट लगाकर इसे भर रहे हैं। बगल में एक कच्चा मकान था जो पानी बढ़ने से ढह गया है। - रेन, रानीघाट

 

जलस्तर बढ़ने से कटान शुरू - फोटो : अमर उजाला
इन इलाकों में घुसा पानी
गंगा से सटे चैनपुरवा, घारमखेड़ा, दिबनीपुरवा, रामपुर,पहाड़ी पुरवा, छोटा व बड़ा मंगलपुर, नत्थापुरवा, कद्दूपुरवा व कल्लूपुरवा गांवों में पानी पहुंच गया है।

बच्चे नाव से रहे स्कूल जा
गंगा के सबसे किनारे बसे चैनपुरवा के लोग नाव का सहारा लेकर दूसरी तरफ जा रहे हैं। यह क्षेत्र पानी से घिरा है। खेत तक में पानी भर गया है। गंगा के किनारे पर बने मंदिर के पुजारी गणेश, सुरेश कुमार गुप्ता उर्फ बबली बाबा, राकेश ने बताया कि अब नाव व स्टीमर ही सहारा है। 20 से 25 बच्चे स्टीमर से ही स्कूल आते-जाते हैं। अभी घरों तक तो पानी नहीं पहुंचा है लेकिन यही हाल रहा तो एक-दो दिन में स्थिति विकट होगी।

 
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मकानों में दरारें आईं - फोटो : अमर उजाला
पिकेट तैनात की गई
जिला प्रशासन ने गंगा किनारे के कल्लूपुरवा घाट पर घूमने व स्नान करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यहां कोहना थाने की पिकेट तैनात की गई है। अटल घाट पर भी बोटिंग पर रोक है। प्रशासन ने गंगा से सटे गांव वालों को ऊंची जगह पर जाने के लिए अलर्ट जारी किया है। कहा है कि जितनी जल्दी हो, सुरक्षित स्थानों पर पहुंचें।

मंगलवार को तीन लाख 40 हजार 179 क्यूसेक पानी आया है। बुधवार को इसमें बढ़ोतरी होने की आशंका है। सतर्कता बरती जा रही है। -अजय कुमार, अवर अभियंता, बैराज निर्माण खंड-2

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