एक साल में शुरू होंगे ये कार्य
ए-श्रेणी में ऐसी परियोजनाएं ली गई हैं, जिन्हें केडीए खुद के वित्तीय स्रोतों से विकसित करेगा। एक-एक कर यह सभी कार्य एक साल में शुरू करने का खाका खींचा गया है। केडीए की तरफ से तैयार की गई सूची में इन योजनाओं में से पहले नंबर पर न्यू कानपुर सिटी को रखा गया है। इस योजना की लागत 1,169 रुपये है। इसी तरह 90 करोड़ रुपये से बिनगवां रोड का चौड़ीकरण व अर्रा रोड तक विस्तार और बर्रा विश्वबैंक रोड 24 मीटर चौड़ी की जाएगी। ये कार्य क्षेत्रीय अवस्थापना निधि से कराए जाएंगे। इसी निधि से महावीरनगर पनकी में 20 मिलियन लीटर डेली क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, 120 करोड़ से 12 चौराहों का सुंदरीकरण और 110 करोड़ से केडीए की योजनाओं में पार्कों का सुंदरीकरण कराया जाएगा।
पीपीपी मॉडल पर बसेगा अटलनगर
बी श्रेणी में केडीए पीपीपी मॉडल पर लैंड पूलिंग के तहत पहली आवासीय योजना विकसित करेगा। इस मॉडल के तहत रूमा के पास स्थित ग्राम उचटी में अटलनगर टाउनशिप विकसित की जाएगी। इसमें करीब 550 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अग्रिम कार्ययोजना तैयार करने के साथ ही शासन से बजट मांगा जा रहा है। इसी तरह सी-श्रेणी में ग्रेटर कानपुर सहित उन 16 प्रस्तावों को शामिल किया गया है जिन्हें केडीए शासन से प्रति वर्ष उपलब्ध कराए गए बजट से नहीं कर सकता और उनके लिए अलग से धनराशि की आवश्यकता है।
सी-श्रेणी में होने वाले कार्य
कार्य का नाम धनराशि (करोड़ रुपये में)
मैनावती मार्ग से बैराज मार्ग तक दो लिंक रोड 40
बॉटनिकल गार्डन 40
मकसूदाबाद में सिटी फॉरेस्ट का विकास 75
भौती से मंधना तक 75 मीटर चौड़ी मास्टर प्लान रोड 425
इंटीग्रेटेड डिविजनल ऑफिस 218
एमआईसीई हब 100
कन्वेंशन सेंटर 284
नॉलेज सिटी 880
मेडी सिटी 360
कानपुर-आगरा हाईवे से कानपुर-झांसी तक 30 मीटर चौड़ी रोड 105
चकेरी में मल्टी मॉडल ट्रांजिट हब 784
100 एकड़ का ईको टूरिज्म पार्क 150
नॉलेज सिटी में अरबन प्लाजा एवं रिक्रेशन सेंटर 118
एयरो सिटी 360
ग्रेटर कानपुर फेज-1 5000
बुधवार को बैठक में मैनावती मार्ग से बैराज मार्ग तक बनने वाले दो लिंक रोड में अर्जित की जाने वाली जमीन व ड्राइंग फिक्स की गई। जमीन की दरों के निर्धारण के लिए डीएम को प्रस्ताव भेज दिया गया है। विजन-2051 की कार्ययोजना के तहत सबसे पहले न्यू कानपुर सिटी और शहर में छह बाजारों के आसपास मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जाएंगी। प्रत्येक की लागत 75 करोड़ है। जगह चिन्हित करने की जिम्मेदारी तीन ओएसडी को सौंपी है। निर्माण के लिए शासन से धन मांगा गया है। -अभय कुमार पांडेय, सचिव, केडीए