जलकल विभाग जोन-4 के अधिशासी अभियंता एसके गुप्ता के अनुसार बकायेदार सात दिन में कार्यालय आकर धनराशि जमा करें, वरना उत्तर प्रदेश जल संभरण, सीवर व्यवस्था अधिनियम 1975 की धारा 64 के अंतर्गत जल विच्छेदन एवं वसूली के लिए यह मामला कलक्ट्रेट को भेज दिया जाएगा। जिला प्रशासन के माध्यम से वसूली की जाएगी, जिसमें देय धनराशि के अतिरिक्त 10 प्रतिशत अधिभार भी लगेगा।
वसी के साझेदार ने सरकारी, निजी जमीन कब्जाकर बनाई अवैध इमारत
बिल्डर हाजी वसी के साझेदार अब्दुल रहमान ने जाजमऊ में सरकारी और निजी जमीन कब्जाते हुए अवैध इमारत बना दी। सोमवार को भी केडीए और तहसील की टीम यह रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाई कि पांच मंजिला अवैध इमारत किन - किन आराजियों की जमीन पर बनी है।
जानकारों के अनुसार जिस जमीन पर यह इमारत बनाई गई है, उसका कुछ हिस्सा केडीए की जमीन पर है, शेष निजी जमीन है। वहां चंदारी सहित दो गांव की सीमा के संबंध में भी विवाद है। इस वजह से विलंब हो रहा है। उधर, एसडीएम अनुराज जैन ने बताया कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है। 19 जुलाई को रिपोर्ट आ जाएगी।