कानपुर नई सड़क पर हुए बवाल के मामले में एक दरोगा ने हिस्ट्रीशीटर को उठाया और जेल भेजने की धमकी देकर 70 हजार रुपये वसूल लिए। रकम मिलते ही उसको छोड़ दिया। शुरुआती जांच में दरोगा पर लगे आरोप सही पाए गए हैं, इसलिए उसको डीसीपी पूर्वी ने निलंबित कर दिया है। दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। कई और भी वसूली के मामले सामने आए हैं।
तीन जून को बवाल के बाद पुलिस ने बेकनगंज थाने में तीन एफआईआर दर्ज की थीं। आरोपियों की धरपकड़ के दौरान कुछ शिकायतें ऐसी सामने आ रही थीं, जिसमें बताया जा रहा था कि पुलिसकर्मी लोगों को उठा रहे हैं और जेल भेजने की धमकी देकर वसूली कर रहे हैं। इसी में दरोगा मोहम्मद अतीफ का नाम सामने आया था। एसीपी अनवरगंज मोहम्मद अकमल खान ने मामले की जांच की तो पता चला कि अतीफ ने हिस्ट्रीशीटर हुमांयू को उठाया था।