पंकज का आरोप है कि बीते आठ जून को सुशील चार डीसीएम व चार ट्रैक्टर ट्रॉली व 30 साथियों संग वर्कशॉप पहुंचा। वर्कशॉप से पाइप उठाकर डीसीएम व ट्रॉली में लादने लगे। विरोध करने पर सुरक्षाकर्मियों, कर्मचारियों को पीटा। कुछ देर बाद सिपाही अमित यादव छह साथी सिपाहियों संग पहुंचा। लूट का विरोध करने वालों को उठा ले गया। इसके बाद रात करीब दस बजे पुलिसकर्मी फिर वहां पहुंचे और उन्हीं की मौजूदगी में करीब 51 लाख रुपये के पाइप लूट लिए गए।
अफसरों से शिकायत पर हुई सुनवाई
पंकज के अनुसार मामले की शिकायत चौकी व चकेरी थाने में की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। आलाधिकारियों से शिकायत के बाद बुधवार को आरोपियों के खिलाफ लूट, चोरी, साजिश रचने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ। इसमें छह आरोपी पुलिसकर्मी अज्ञात हैं।
दावा: तीन साल में 4.3 करोड़ का माल चोरी
रिपोर्ट के मुताबिक बीते तीन सालों से ऐसे ही चोरी होती रही है। पुलिसकर्मी ठेकेदारों से एक मुश्त रकम लेकर उनकी चोरी और लूट में मदद करते हैं। आरोप है कि 15 मई को भी इसी तरह लाखों का माल लूटा गया था। वादी का दावा है कि अब तक करीब 4.3 करोड़ का माल लूटा जा चुका है।
प्रकरण की गहनता से छानबीन की जा रही है। पुलिसकर्मियों पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। उनकी भूमिका जांची जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - प्रमोद कुमार, डीसीपी पूर्वी