जावेद अहमद वर्ष 2019 में कानपुर से लोकसभा का चुनाव भी निर्दलीय लड़ा था। इसमें उसे 600 से ज्यादा वोट मिले थे। सुरक्षा एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक जावेद ने पूछताछ में कहा था कि उसकी लोकप्रियता को जितना रोकने का प्रयास होगा, वह उतनी ही तेजी से बढ़ेगी। तीन जून को हुए बवाल के बाद पुलिस ने उसे लखनऊ में एक यू-ट्यूब न्यूज चैनल के दफ्तर से हयात जफर हाशमी, मोहम्मद सुफियाना और मोहम्मद राहिल के साथ गिरफ्तार किया था। एसआईटी ने दो बार चारों लोगों की पुलिस कस्टडी रिमांड ली पर ज्यादातर फोकस हयात जफर से पूछताछ पर रहा। जावेद की तरफ पुलिस अधिकारियों का ध्यान बहुत कम गया। एटीएस और एसटीएफ ने जावेद अहमद को लेकर जांच शुरू की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।