जब पुलिस-प्रशासन प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के कार्यक्रम की सुरक्षा में मौजूद था उसी दौरान पूर्व नियोजित साजिश के तहत उपद्रव कराया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने हयात के अपराध की गंभीरता को देखते हुए तीनों मुकदमों में जमानत अर्जियां खारिज कर दीं। इसी तरह उपद्रव में शामिल रहे सपा नेता निजाम कुरैशी, नई सड़क निवासी राहिल, चमनगंज निवासी मो.हसीब, कोपरगंज निवासी महताब उर्फ लल्लू, नजीरबाग बेकनगंज निवासी गुलाम गौस व पेंचबाग निवासी मोअज्जम शरीफ की जमानत अर्जियां भी खारिज कर दी गईं।
हयात शातिर अपराधी है। उसका आपराधिक इतिहास भी है। उसके खिलाफ बेकनगंज में उपद्रव के तीन मुकदमों के अलावा चमनगंज में पांच और कोतवाली, चकेरी व कर्नलगंज में अलग-अलग अपराधों में एक-एक मुकदमा दर्ज है।- दिनेश अग्रवाल, एडीजीसी