आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) कानपुर सेक्टर की टीम ने सरकारी मिट्टी के तेल की कालाबाजारी और गबन के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मिट्टी का तेल सूखा राहत योजना के तहत आवंटित किया गया था। आरोपियों में कालपी के टरननगंज निवासी रविंद्र कुमार गुप्ता और राम चबूतरा कस्बा के राकेश कुमार शामिल हैं। लंबे समय से दोनों की तलाश की जा रही थी।
ईओडब्ल्यू की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार प्रदेश सरकार की ओर से वर्ष 2007 में जनवरी और 2008 में जनवरी-फरवरी माह में 30,650 लीटर मिट्टी का तेल जनता में वितरण के लिए आवंटित किया गया था। सूखा राहत योजना के तहत इसे जालौन की महेवा, कदौरा और कालपी तहसीलों के क्षेत्रों में बांटा जाना था। इसकी अनुमानित कीमत करीब तीन लाख रुपये से ज्यादा थी। इस तेल को थोक विक्रेता फर्म और कोटेदारों के माध्यम से जनता में बांटा जाना था। आरोप है कि थोक विके्रता फर्म के प्रोपराइटर रविंद्र कुमार गुप्ता और राकेश कुमार द्वारा ने वितरण कराने के बजाय अन्य आरोपियों के साथ मिलकर मिट्टी तेल की कालाबाजारी कर उसका गबन कर लिया।