युवती के चक्कर में दोस्त की हत्या करने वाले तीन साथियों को अपर जिला जज 11 सुभाष सिंह ने सोमवार को उम्रकैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। साकेतनगर में रहने वाले 22 वर्षीय पंकज शर्मा को होली खेलने के बहाने आठ मार्च 2012 को उसके तीन दोस्त बर्रा-6 निवासी अंकित शर्मा, शैलेंद्र साहू और साकेतनगर निवासी अनूप त्रिपाठी उर्फ मोनू ले गए थे। पिता प्रमोद को बताया गया कि पनकी नहर में दोस्तों के साथ नहाते समय पंकज डूब गया। शव न मिलने पर प्रमोद के साले अरुण शर्मा ने पनकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अगले दिन पंकज का शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या की बात सामने आई। इस पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
विवेचना के दौरान सामने आया कि पंकज पहले बर्रा में रहता था जहां एक युवती से उसका प्रेम संबंध था। उसी युवती से पंकज के दोस्त भी प्रेम करने लगे थे इसी पर विवाद होता था। पंचायत भी हुई थी और समझाने-बुझाने के बाद फिर सब साथ मिलने-जुलने लगे थे। हालांकि अंदर ही अंदर पंकज से रंजिश मानते थे और होली के बहाने पंकज को ले जाकर उसकी हत्या कर दी और शव को नहर में फेंक दिया। अंकित, शैलेंद्र और अनूप के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। अभियोजन की ओर से मृतक के माता-पिता, मामा व चचेरे भाई समेत 14 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने अंकित, शैलेंद्र और अनूप को हत्या व सबूत मिटाने का दोषी मानकर सजा सुनाई।