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Kannauj: दिनदहाड़े महिला की हत्या, बेटी को भी बनाया बंधक, एसपी ने डकैतों की गिरफ्तारी को तीन टीमें की गठित

Mon, 22 Sep 2025 07:19 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज

सार

कन्नौज के मोहल्ला कुतलूपुर मकरंदनगर में वारदात हुई। बेटी ने पड़ोसी की छत पर कूद कर जान बचाई।
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महिला की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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डकैतों ने दिनदहाड़े महिला और बेटी को बंधक बनाकर लाखों की नकदी व जेवर लूट लिए। विरोध करने पर डकैतों ने महिला की हत्या कर दी, जबकि बेटी की हत्या का प्रयास किया तो उसने पड़ोसी की छत पर कूद कर जान बचाई। बताया गया कि मकान में टाइल्स लगाने वाले ठेकेदार ने अपने भतीजे और नौ अन्य बदमाशों के साथ वारदात को अंजाम दिया है। एसपी ने डकैतों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमों का गठन किया है।
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शहर के मोहल्ला कुतलूपुर मकरंदनगर में सोमवार दोपहर दो बजे के करीब 11 डकैतों ने सुनीता श्रीवास्तव (50) और उनकी बेटी कोमल (26) को बंधक बना लिया। डकैतों ने सुनीता के हाथ-पैर बांधकर डाल दिया और कोमल के हाथ-पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था। एक डकैत ने उसके पेट में चाकू लगा दिया। इसके बाद घर में लूटपाट करते हुए नकदी व जेवर ले लिए और रस्सी से गला कसकर सुनीता की हत्या कर दी। इस बीच किसी तरह कोमल के हाथ-पैर खोल लिए, लेकिन गले में फंदा कसा रहा। वह पड़ोसी सीमा चतुर्वेदी की छत पर कूद गई और उनके जीने का दरवाजा खटखटाया। सीमा की बेटी मेघा ने दरवाजा खोलकर उसे बंधनमुक्त किया, तब उसने डकैती की जानकारी दी। इस बीच डकैत वारदात को अंजाम देकर भाग चुके थे।

सुनीता का शव घर में पड़ा था और उनके हाथ-पैर बंधे थे। मोहल्ले के लोग मां-बेटी को लेकर जिला अस्पताल गए तो डाॅक्टरों ने सुनीता को मृत घोषित कर दिया। सुनीता की छोटी बेटी दीया श्रीवास्तव (22) उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ठठिया शाखा में कैशियर है। घटना की जानकारी पाकर वह भी जिला अस्पताल पहुंच गई। पिता अर्जुन श्रीवास्तव भी आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में कैशियर थे, लेकिन आठ साल पहले उनकी सड़क हादसे में मौत हो गई थी। दीया को मृतक आश्रित कोटे से बैंक में नौकरी मिली है।
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पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, एएसपी अजय कुमार, सीओ सिटी अभिषेक प्रताप अजेय, सदर कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे। इसके बाद अस्पताल पहुंचकर कोमल से घटना के बारे में जानकारी ली। कोमल ने बताया कि मकान में टाइल्स लगाने वाले ठेकेदार जसवंत सिंह और उसके भतीजे ने नौ अन्य बदमाशों के साथ वारदात को अंजाम दिया है। जसवंत तिर्वा में किराये पर रहता है, जबकि रहने वाला किसी अन्य जिले का है। मोहल्ले में ही उसका दूसरा नया मकान बन रहा है, ये लोग एक माह से काम कर रहे हैं।

सीओ सिटी अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि मोहल्ले में लगे सीसीटीवी कैमरों में डकैत कैद हो गए हैं। सभी को ट्रेस किया जा रहा है। एसपी विनोद कुमार ने बताया कि डकैतों की गिरफ्तारी के लिए एसओजी, सर्विलांस व सदर कोतवाली की टीम को लगाया गया है। जल्द ही पूरी घटना का खुलासा किया जाएगा।
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