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Kanpur: फेल को पास कराने वाले गिरोह के तीन और शातिर गिरफ्तार, सीएसजेएमयू प्रशासन ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट

Mon, 19 Aug 2024 12:08 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: फेल को पास कराने वाले गिरोह के तीन शातिरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कल्याणपुर थाने में सीएसजेएमयू प्रशासन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपियों के पास से पुलिस को विश्वविद्यालय से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में फर्जी अंक तालिका बनाने व फेल को पास कराने के मामले में पुलिस ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक, एक सेवानिवृत कर्मचारी और एक कैफे संचालक को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 22 ब्लैंक अंक मार्कशीट, तीन पैन ड्राइव, बार काउंसिल का एक कार्ड, सारिणीयन पंजिका और तीन मोबाइल फोन, क स्कूटी बरामद हुई हैं। इस मामले में अब तक पुलिस छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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कल्याणपुर पुलिस ने सीएसजेएमयू के फेल छात्र नेहाल हुसैन रिजवी की अंक तालिका में फेर बदल कर रिकॉर्ड रूम के चपरासी जगदीश ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे पास कर दिया था। मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से कल्याणपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जांच में दोषी पाए जाने पर पुलिस ने पहले घटना के मास्टरमाइंड चपरासी जगदीश व उसके साथी शिवकुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद आरोपी आशीष राय को जेल भेजा गया।
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डीसीपी वेस्ट राजेश कुमार सिंह ने बताया कि जैसे-जैसे मामले की जांच आगे बढ़ रही है, वैसे फेल को पास कराने वाले गैंग में शामिल नए-नए लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। इस मामले में गैंग के तीन और शातिरों मूलरूप से गोरखपुर के ठकुरापार हाल पता विश्वविद्याल. परिसर के टाइप-टू क्वार्टर नंबर- एक निवासी घनश्याम गौड़, बजरिया क्षेत्र के पीरोड रामबाग निवासी प्रकाश सक्सेना व मूलरूप से अयोध्या के मया बैराजपुर और वर्तमान में कल्याणपुर आवास विकास निवासी राम भुजारत को दलहन क्राॅसिंग से रविवार को गिरफ्तार किया गया है।
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घनश्याम गौड़ विश्वविद्यालय का प्रशासनिक अधिकारी है, जबकि राम भुजारत सेवानिवृत कर्मचारी है और वर्तमान में दिहाड़ी पर विश्वविद्यालय में नौकरी करता है। वहीं, प्रकाश सक्सेना कैफेटेरिया का कर्मचारी है। इन तीनों को भी रविवार कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया है।

आंदोलन कर रहे विश्वविद्यालय के कई कर्मचारी जांच के दायरे में है। वह खुद को बचाने के लिए हंगामा व आंदोलन का रास्ता अपना रहे हैं, लेकिन कोई कुछ करें, उसे छोड़ा नहीं जाएगा। - राजेश कुमार सिंह, डीसीपी पश्चिम

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