डीसीपी वेस्ट राजेश कुमार सिंह ने बताया कि जैसे-जैसे मामले की जांच आगे बढ़ रही है, वैसे फेल को पास कराने वाले गैंग में शामिल नए-नए लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। इस मामले में गैंग के तीन और शातिरों मूलरूप से गोरखपुर के ठकुरापार हाल पता विश्वविद्याल. परिसर के टाइप-टू क्वार्टर नंबर- एक निवासी घनश्याम गौड़, बजरिया क्षेत्र के पीरोड रामबाग निवासी प्रकाश सक्सेना व मूलरूप से अयोध्या के मया बैराजपुर और वर्तमान में कल्याणपुर आवास विकास निवासी राम भुजारत को दलहन क्राॅसिंग से रविवार को गिरफ्तार किया गया है।
घनश्याम गौड़ विश्वविद्यालय का प्रशासनिक अधिकारी है, जबकि राम भुजारत सेवानिवृत कर्मचारी है और वर्तमान में दिहाड़ी पर विश्वविद्यालय में नौकरी करता है। वहीं, प्रकाश सक्सेना कैफेटेरिया का कर्मचारी है। इन तीनों को भी रविवार कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया है।
आंदोलन कर रहे विश्वविद्यालय के कई कर्मचारी जांच के दायरे में है। वह खुद को बचाने के लिए हंगामा व आंदोलन का रास्ता अपना रहे हैं, लेकिन कोई कुछ करें, उसे छोड़ा नहीं जाएगा। - राजेश कुमार सिंह, डीसीपी पश्चिम