लोगों के सेविंग, करंट व मर्चेंट खाते (म्यूल) खुलवाकर साइबर ठगी की रकम का अवैध लेनदेन करने वाले तीन शातिरों को फजलगंज और साइबर सेल की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लोगों के खिलाफ एनसीआरबी पोर्टल पर 29 शिकायतें आई थीं। इसके आधार पर पुलिस ने 23 करोड़ की रकम फ्रीज की है। आशंका है कि आरोपियों ने दो साल के भीतर करीब 100 करोड़ का अवैध लेनदेन कराया है। मामले का खुलासा करते हुए पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि इस बार 23 प्राइवेट बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। इन सभी की जांच कराई जा रही है। गिरोह के तार दुबई तक से जुड़े होने की सूचना मिली है।
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सीपी ने बताया कि शनिवार को दादानगर ढाल से फतेहपुर के कल्याणपुर निवासी कपिल वर्मा उर्फ कपिल देव उर्फ शंटी और उसके दो साथियों साढ़ के अभय प्रताप व यहीं के रोहित सिंह उर्फ रुद्र को पकड़ा गया है। तीनों मिलकर तीन तरह के म्यूल खाते खुलवाते थे। इनमें मर्चेंट खाता ऐसा था जिसे बंद कराने में भी कम से कम 10 दिन का समय लगता है।
एक-एक आईडी पर तीन-तीन खाते खुलवाते थे। प्रति खाते से करीब 10 लाख का अवैध लेनदेन किया जाता था। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी कुछ लोगों को कमीशन तो कुछ को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके आधार, पेन कार्ड, मोबाइल नंबर लेकर उनका इस्तेमाल खाते खुलवाने में करते थे। प्रत्येक सेविंग खाते में 40 और करंट में 80 हजार रुपये कमीशन मिलता था जिसमें से खाताधारक को भी पैसा दिया जाता था।
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बैंकों कर्मियों की बातचीत का मिला ऑडियो रिकाॅर्ड
डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार साइबर ठगों से बैंक कर्मियों की मिलीभगत भी सामने आई है। बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, डीसीबी बैंक, सीएसबी बैंक, पीएनबी, एक्सिस, एचडीएफसी, आईडीएफसी, ओवरसीज, उज्जीवन फाइनेंस जनास्माल बैंक व एयरटेल पेमेंट बैंक आदि 23 बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों की साइबर ठगों से बातचीत की रिकार्डिंग भी पुलिस को मिली है। इसमें म्यूल खाते खुलवाने और रुपयों के अवैध लेनदेन का जिक्र है। इनको भी जांच के दायरे में लिया जा रहा है।
लखनऊ के जोकर और कानपुर के जगदीश की तलाश
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए तीनों आरोपियों में रोहित की भूमिका फिलहाल काफी कम मिल रही है। इसके अलावा लखनऊ के सरगना जोकर, कानपुर के जगदीश आगरा के केपी और उन्नाव के साइबर ठग आशीष की भी तलाश की जा रही है। शंटी और अभय के तार लखनऊ के जोकर से और जोकर का कनेक्शन दुबई में बैठे 3200 करोड़ के आरोपी सुल्तान मिर्जा से जुड़ रहा है। ये लोग फर्जी और बोगस फर्में खोलकर भी अवैध रुपयों का लेनदेन कराते थे।
ये सामान हुआ बरामद
पुलिस को पकड़े गए आरोपियों के पास से तीन लैपटॉप, 85 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, चार पीओएस मशीन, 37 सिमकार्ड, 15 चेकबुक, 18 पासबुक, हिसाब किताब के चार रजिस्टर, दो वर्क ऑर्डर की छायाप्रति, चार मुहरें, एक इंक पैड और 18 पासबुक आदि मिली हैं। सभी सामान जब्त कर उसकी जांच कराई जा रही है।