लेखपाल रामखिलावन और हरिशंकर के निलंबन से संबंधित एक दस्तावेज में तारीख नहीं पड़ी थी। इस पर हाईकोर्ट ने ऐतराज जताया था। इसके अलावा निलंबन के संबंध में प्रशासन से कुछ सवाल भी पूछे थे।
कानपुर में शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना घोटाले में निलंबित लेखपालों के मामले में एसडीएम सदर दीपक पाल शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष पेश हुए। हाईकोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होने का आदेश दिया था।
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दरअसल, लेखपाल रामखिलावन और हरिशंकर के निलंबन से संबंधित एक दस्तावेज में तारीख नहीं पड़ी थी। इस पर हाईकोर्ट ने ऐतराज जताया था। इसके अलावा निलंबन के संबंध में प्रशासन से कुछ सवाल भी पूछे थे।
इसके जवाब देने के लिए एसडीएम हाईकोर्ट पहुंचे। उन्होंने तारीख दर्ज करवाते हुए दस्तावेज पेश किया। हाईकोर्ट ने एसडीएम ने से पूछा कि तहसीलदार ने जांच करके निलंबित लेखपालों को बहाल किया तो आपने फिर से क्यों निलंबित किया।
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इस पर एसडीएम ने कहा कि तहसीलदार ने एक दिन में कई प्रकरण की जांच करके लेखपालों को बहाल किया था। सभी जांचें एक दिन में संभव नहीं थीं। इस पर उनकी ओर से फिर से जांच कराई गई तो तहसीलदार की जांच में गड़बड़ी पाई गई। इस पर डीएम को अवगत कराते हुए इन्हें फिर से निलंबित किया गया।