सरकार ने अति गरीब वर्ग को सशक्त बनाने के लिए जीरो पॉवर्टी योजना शुरू की थी। योजना के तहत जिले के 37,928 लोगों ने खुद को गरीब बताकर आवेदन किया था। आवेदनों की सत्यता जांचने के लिए किए गए थर्ड पार्टी सर्वे में 13,590 आवेदक संपन्न मिले।
सरकार ने करीब डेढ़ वर्ष पहले ग्राम पंचायतों को 25-25 अति निर्धन परिवारों को चिह्नित करने का लक्ष्य दिया था। इनको मकान, पानी, सड़क, बिजली, राशन, पेंशन आदि योजनाओं के तहत मूलभूत सुविधाएं देकर सशक्त करने की योजना थी।