डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसीसीएल) की जांच प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की टीम 13 नवंबर को करेगी। इस संबंध में क्षेत्रीय सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से दिल्ली में मुलाकात की थी।
जमीन हस्तांतरण के मामले में किसानों की तरफ से किए जा रहे विरोध और कॉरिडोर में अभी तक किए गए निर्माण में आई कमियों के मामले से अवगत कराया। समस्याओं के निराकरण का पत्र भी दिया था।
सांसद भोले ने बताया कि संस्थाओं की तरफ से बनाई गई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसके अलावा अंडरपास में जलभराव के चलते लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। टीम 13 को सरसौल से भाऊपुर तक और 15 को भाऊपुर से कंचौसी तक निरीक्षण करेगी।