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कानपुर: रियल इस्टेट कारोबार में करोड़ों की टैक्स चोरी, कई संपत्तियां बेनामी होने का शक

Fri, 30 Jul 2021 10:13 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

पान मसाला के अलावा भी इनके कई कारोबार हैं। समूह का कुल टर्नओवर पांच सौ करोड़ रुपये के आसपास है। प्रधान आयकर निदेशक (जांच) के निर्देश पर आयकर विभाग के सौ से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों ने बुधवार को इनके 13 ठिकानों पर छापा मारा था।
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आयकर विभाग (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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विस्तार
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कानपुर में पान मसाला बनाने वाली कंपनी एसएनके समूह ने कानपुर से दिल्ली तक रियल इस्टेट कारोबार भी फैला रखा है। आयकर विभाग की जांच में समूह के रियल इस्टेट कारोबार में करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी सामने आई है। इसमें से कई संपत्तियों के बेनामी होने का भी शक है। इनमें लगे रुपयों के स्रोत का भी पता नहीं चल पा रहा है।
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इस वजह से कानपुर और दिल्ली स्थित आवास से डेढ़ दर्जन से अधिक संपत्तियों के दस्तावेज जांच के लिए जब्त किए गए हैं। कंपनी से जुड़े छह पते फर्जी मिले हैं। इससे बोगस कंपनियों में निवेश के संकेत मिले हैं। एसएनके के फिलहाल 13 ठिकानों पर जांच चल रही है। शहर की कंपनी एजे सुगंधी एसएनके नाम से पान मसाला बनाती है। इसके मालिक स्वरूप नगर निवासी नवीन कुरेले और प्रवीण कुरेले हैं।

पान मसाला के अलावा भी इनके कई कारोबार हैं। समूह का कुल टर्नओवर पांच सौ करोड़ रुपये के आसपास है। प्रधान आयकर निदेशक (जांच) के निर्देश पर आयकर विभाग के सौ से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों ने बुधवार को इनके 13 ठिकानों पर छापा मारा था। नवीन कुरेले और प्रवीण कुरेले के कानपुर नगर स्थित आवास, गोदाम, फैक्ट्री के अलावा दिल्ली में सात जगह, उरई, नोएडा में एक साथ छापेमारी की गई थी।
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जांच में कानपुर में दो और दिल्ली में कंपनी के चार पते फर्जी निकले। यहां से टीमें वापस आ गईं। कंपनी के अधिकारियों से पूछताछ में बात सामने आई कि ये कंपनियां कागजों पर ही चल रही थीं। दस्तावेजों की जांच में पता चला कि कारोबारियों ने रियल इस्टेट कारोबार में भी बड़ा निवेश किया है। यह दिल्ली तक फैला है। रियल इस्टेट कारोबार के लिए एक कंपनी दिल्ली में ही रजिस्टर्ड है। इसमें भी बड़ा फ्रॉड और भारी भरकम टैक्स चोरी सामने आ रही है। संपत्तियों की जांच करने में माहिर अफसरों की एक टीम दिल्ली भेजी गई है। संपत्तियों के जब्त दस्तावेज जांच के लिए बेनामी विंग भेजे गए हैं। 

पहले से की रेेकी, जीएसटी की छापेमारी से कर चोरी हुई पुख्ता
सूत्रों ने बताया कि कंपनी पर आयकर विभाग की लंबे समय से नजर थी। इनके लेन-देन, संपत्तियों, कंपनियों आदि का पुलिंदा विभाग ने पहले ही तैयार कर लिया था। एसजीएसटी विभाग ने 12 जुलाई को इसी कंपनी पर छापेमारी कर बड़े पैमाने पर कर चोरी पकड़ी थी। आयकर विभाग ने एसजीएसटी विभाग से छापे से जुड़ी जानकारी जुटाई थी। इसके 16 दिन बाद ही कार्रवाई की। 

तब से बंद बताया जा रहा उत्पादन
सूत्रों ने बताया कि कंपनी में जीएसटी की छापेमारी के बाद से उत्पादन बंद होना बताया जा रहा है लेकिन अफसरों को इस तरह के साक्ष्य नहीं मिले हैं। बताया गया कि रियल इस्टेट में बोगस कंपनियों के जरिये रुपयों का बड़ा लेन-देन किया गया। लोन के जरिये रुपये इधर से उधर किए गए।
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