फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर: सीएसजेएम विवि गेट पर छात्रों का हंगामा, परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी का लगाया आरोप, एक का सिर फटा, कई घायल

Thu, 23 Sep 2021 11:45 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कुलसचिव डॉ. अनिल यादव ने छात्रों से दो दिन का समय मांगा तो छात्र आक्रोशित हो गए और जीटी रोड जाम करने के लिए आगे बढ़े। इस पर पुलिस से नोकझोंक हुई। पुलिस ने जीटी रोड जाम करने जा रहे छात्रों को भगाने के लिए लाठियां फटकारी। 
विज्ञापन
विवि गेट पर छात्रों ने किया हंगामा - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के मेन गेट पर गुरुवार दोपहर एक बजे छात्रों ने जमकर हंगामा किया। छात्रों ने परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कम अंक आने और छात्रों के फेल होने की बात कहते हुए नारेबाजी की।
विज्ञापन


छात्रों ने जीटी रोड जाम करने का प्रयास किया तो पुलिस ने लाठियां फटकार कर खदेड़ दिया। इसमें एक छात्र का सिर फट गया और कई घायल हो गए। सोमवार छात्रों ने परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था।

तब चीफ प्रॉक्टर प्रो. संजय स्वर्णकार ने प्रार्थना पत्र लेकर दो दिन में जांच कराने की बात कही थी। दो दिन बाद भी कोई निष्कर्ष न निकलने पर छात्र गुरुवार को विश्वविद्यालय पहुंचे और गेट पर धरना देते हुए नारेबाजी करने लगे। हंगामे की सूचना पर कल्याणपुर समेत कई थानों का फोर्स पहुंच गया। चीफ प्रॉक्टर और सुरक्षा अधिकारी आरपी सिंह धरने पर बैठे छात्रों से बातचीत करने पहुंचे लेकिन उनसे नोकझोंक हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

मामला बढ़ता देख कुलसचिव डॉ. अनिल यादव पहुंचे। उन्होंने छात्रों से दो दिन का समय मांगा तो छात्र आक्रोशित हो गए और जीटी रोड जाम करने के लिए आगे बढ़े। इस पर पुलिस से नोकझोंक हुई। पुलिस ने जीटी रोड जाम करने जा रहे छात्रों को भगाने के लिए लाठियां फटकारी। इसमें एक छात्र का सिर फट गया और कई छात्र-छात्राएं घायल हुए हैं। 

छात्राओं को दी गालियां, मुकदमा लिखने की धमकी
छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने छात्राओं को गाली देते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया है। साथ ही कई के आईकार्ड और मार्कशीट की फोटो खींच मुकदमा लिखकर अंजाम भुगतने की धमकी दी है।

जो भी छात्र परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट हैं, वे कॉलेज में प्राचार्य को अपनी समस्या बताएं। फिर भी संतुष्ट न होने पर 27 सितंबर तक स्क्र्रूटनी के लिए आवेदन कर दें। - प्रो. विनय पाठक, कुलपति 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें