लिम्फ नोट्स की प्रकृति भी पता चलेगी
उन्होंने बताया कि इंट्रो ऑपरेटिव अल्ट्रासाउंड युक्त लेप्रोस्कोप से मस्तिष्क के ट्यूमर के ऑपरेशन में आसानी होगी। सर्जरी के समय ही ट्यूमर की सटीक स्थिति पता चलेगी। इससे पता लगेगा कि ट्यूमर कितने अंदर तक है। इसके साथ ही सामान्य सीटी में पकड़ में न आने वाला ट्यूमर का फैलाव भी पता लगेगा। उन्होंने बताया कि लिम्फ नोट्स की प्रकृति भी पता चलेगी कि कैंसर प्रभावित है कि नहीं। डिजिटल सबट्रैक्शन एंजियोग्राफी उपकरण से लिवर, फेफड़ों की बायोप्सी में भी आसानी होगी। अल्सर आदि की स्थिति पता लगेगी।