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Kanpur Fire: न जांच…न एनओसी, बेसमेंट में चल रहे कारखाने-दुकानें, अधिकारी बोले- एक करोड़ के नुकसान की आशंका

Fri, 13 Jun 2025 12:58 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: आनंदबाग में बुधवार रात रंजीत स्टोर के बेसमेंट में भीषण आग लगी थी। हादसे में एक करोड़ के नुकसान की आशंका है। शार्ट सर्किट के कारण बेसमेंट में आग लगी थी।
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kanpur fire accident - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर शहर की घनी आबादी के बीच अपार्टमेंट व मकानों में धड़ल्ले से कारखाने और गोदाम संचालित हो रहे हैं। करीब 570 के आसपास इस तरह के गोदाम व कारखाने हैं। खास बात यह कि अधिकतर के पास न अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं होता। इस भीषण गर्मी में ये कारखाने और गोदाम विकराल आग लगने का कारण बनते हैं।

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परेशान होकर बैठे स्टोर ओनर - फोटो : amar ujala

शहर के चमनगंज, बेकनगंज, दलेलपुरवा, इख्तिखाराबाद, पटकापुर, नई सड़क, रेल बाजार, चकेरी, आनंदबाग, भन्नापुरवा सहित कई इलाकों में अपार्टमेंट और मकानों में इस तरह के कारखाने व गोदाम बना रखे गए हैं। इनमें कुछ तो किराए पर दिए गए हैं, जबकि कई मकान मालिक खुद ही अपनी व्यावसायिक गतिविधियों में इनका उपयोग कर रहा है।

kanpur fire accident - फोटो : amar ujala
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
रिहायशी व घनी आबादी में इस तरह के कारखानों व गोदामों में कन्फैक्शनरी, जूता-चप्पल, जनरल स्टोर, बोरे, इलेक्ट्रानिक्स सहित अन्य व्यवसाय किए जा रहे हैं। इन पर कार्रवाई करने की जरूरत केडीए, दमकल विभाग के अधिकारी नहीं समझते। बता दें कि बुधवार रात आनंदबाग स्थित रंजीत स्टोर में भीषण आग लग गई थी। इसके अलावा, कुछ दिन पूर्व प्रेमनगर के अपार्टमेंट में भी आग लगने से एक ही परिवार के पांच सदस्यों की जलकर मौत हो गई थी। यहां भी बेसमेंट में जूते का काम होता था।

kanpur fire accident - फोटो : amar ujala
84 के दंगों में जलाई गई थी दुकान
आनंदबाग स्थित रंजीत स्टोर के बेसमेंट से गुरुवार सुबह बेसमेंट से पानी निकालने के लिए मोटर लगाई गई। रंजीत के बेटों ठाकुर वीर सिंह उर्फ बंटी और अमरजीत सिंह उर्फ टोनी ने दस मजदूर लगवाकर जला माल बाहर निकलवाया। काउंटर व गोदाम में रखे सभी कंप्यूटर जल गए हैं। बता दें कि रंजीत सिंह की पहले जनरल मर्चेंट की छोटी दुकान थी और 84 के दंगों में इसे दंगाइयों ने जला दिया था। उसके बाद उन्होंने कड़ी मेहनत करते हुए ये मुकाम हासिल किया था लेकिन बुधवार रात लगी आग से सबकुछ राख हो गया।
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kanpur fire accident - फोटो : amar ujala
पीड़ित परिवार ने लिखित में कुछ नहीं दिया है। होलसेल का कारोबार था। एक करोड़ के नुकसान की आशंका है। शार्ट सर्किट के कारण बेसमेंट में आग लगी थी। लाइसेंस की जानकारी नहीं है, लेकिन दुकान व गोदाम में फायर सिलिंडर थे। शहर की अवैध इमारतों के बेसमेंट में इस तरह के कारखाने व गोदाम संचालित होने के संबंध में केडीए को तीन बार लिखित में दे चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।  -दीपक शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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