कानपुर शहर की घनी आबादी के बीच अपार्टमेंट व मकानों में धड़ल्ले से कारखाने और गोदाम संचालित हो रहे हैं। करीब 570 के आसपास इस तरह के गोदाम व कारखाने हैं। खास बात यह कि अधिकतर के पास न अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं होता। इस भीषण गर्मी में ये कारखाने और गोदाम विकराल आग लगने का कारण बनते हैं।
शहर के चमनगंज, बेकनगंज, दलेलपुरवा, इख्तिखाराबाद, पटकापुर, नई सड़क, रेल बाजार, चकेरी, आनंदबाग, भन्नापुरवा सहित कई इलाकों में अपार्टमेंट और मकानों में इस तरह के कारखाने व गोदाम बना रखे गए हैं। इनमें कुछ तो किराए पर दिए गए हैं, जबकि कई मकान मालिक खुद ही अपनी व्यावसायिक गतिविधियों में इनका उपयोग कर रहा है।
पीड़ित परिवार ने लिखित में कुछ नहीं दिया है। होलसेल का कारोबार था। एक करोड़ के नुकसान की आशंका है। शार्ट सर्किट के कारण बेसमेंट में आग लगी थी। लाइसेंस की जानकारी नहीं है, लेकिन दुकान व गोदाम में फायर सिलिंडर थे। शहर की अवैध इमारतों के बेसमेंट में इस तरह के कारखाने व गोदाम संचालित होने के संबंध में केडीए को तीन बार लिखित में दे चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। -दीपक शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी