शाम को घर आकर उसने एक फिल्मी गाने पर रील बनाकर इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किया। शाम को सभी ने खाना खाया और सोने चले गए। देर रात करीब दो बजे आंख खुली तो विक्रांत के कमरे का दरवाजा खुला था। उसका शव पंखे के कुंडे से बंधी चादर से बने फंदे पर लटकता पाया। वह तीन भाइयों विकास व विशाल में मझला था। पिता ओंकारनाथ की दो साल पहले मार्ग दुर्घटना में मौत हो गई थी। मां रेनू का रो-रोकर बुरा हाल रहा। हालांकि, परिजन खुदकुशी के पीछे का कोई कारण नहीं बता सके। पनकी थाना प्रभारी रत्नेश कुमार सिंह ने बताया कि खुदकुशी का कारण स्पष्ट नहीं है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसमें फंदा लगाने से मौत की पुष्टि हुई है।