बुधवार दोपहर को इरफान ने लखनऊ में प्रेसवार्ता भी की थी लेकिन पुलिस उनको पकड़ नहीं पाई थी। उसके बाद पुलिस ने लखनऊ स्थित सपा दफ्तर, दारुलशफा में विधायक के आवास के अलावा विधायक के अन्य ठिकानों पर दबिश दी लेकिन वे नहीं मिले।
एसीपी कोतवाली एसआईटी प्रमुख
केस की विवेचना जाजमऊ इंस्पेक्टर अशोक दुबे को सौंपी गई है। साथ ही ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने एक एसआईटी गठित की है, जिसमें एसीपी कोतवाली अभिषेक पांडेय, कर्नलगंज इंस्पेक्टर रत्नेश सिंह, इंस्पेक्टर दीनानाथ मिश्रा (क्राइम ब्रांच), इंस्पेक्टर आसिफ सिद्दीकी (साइबर सेल), दरोगा मनीष चौहान, दरोगा प्रवीण कुमार, हेड कांस्टेबल विनोद व शिवराम सिंह (सर्विलांस सेल) को शामिल किया गया है।
विवादित बिल्डर समेत तीन करीबी रडार पर
चमनगंज निवासी एक विवादित बिल्डर इरफान का बेहद करीबी है। वह और उसके दो साथी भी रडार पर हैं। पुलिस उनकी भूमिका जांच रही है। अज्ञात में उनके नाम भी खुला सकते हैं। साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस कार्रवाई करेगी।
संपत्ति पर कब्जा करना, किसी गरीब मजबूर को प्रताड़ित करना बेहद गंभीर अपराध है। इसलिए जाजमऊ वाले प्रकरण को गंभीरता से लिया गया है। कोई भी कितना भी बड़ा आदमी क्यों न हो, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त व प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। जो आरोपी हैं, उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। जल्द वह पकड़े जाएंगे।- बीपी जोगदंड, पुलिस कमिश्नर