बुधवार की रात पति जब कोमा में चले गए तो उन्हें हैलट अस्पताल ले गईं, जहां उनकी मौत हो गई। डीपीओ मनोज कुमार ने बताया कि चित्रकूट कार्यालय से कोई काम बकाया नहीं है। उनकी पत्नी को चित्रकूट का जितना बकाया था, वह दिला दिया गया है। अनुपस्थित वाले मामले व अन्य मामलों के पूरे कागजात की फाइल निदेशालय लखनऊ भेजी गई है। बताया कि विनय वाजपेयी के निधन की जानकारी मिली है। उनके परिजनों को कई बार बताया गया कि चित्रकूट से उनका कोई काम शेष नहीं है लखनऊ निदेशालय कार्यालय से ही फाइनल होना है।