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Kanpur: सपा विधायक की तलाश में दबिश, एसआईटी गठित, प्लॉट पर कब्जा करने का प्रयास व आगजनी का है आरोप

Thu, 10 Nov 2022 09:29 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

जाजमऊ में एक बुजुर्ग महिला ने जमीन पर कब्जा करने के लिए आगजनी करने का सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान पर आरोप लगाया है। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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इरफान सोलंकी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर के जाजमऊ में प्लॉट पर कब्जा करने के प्रयास और आगजनी के आरोपी सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनका भाई रिजवान अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। पुलिस ने कानपुर और लखनऊ में विधायक की तलाश में लखनऊ के सपा कार्यालय समेत दस ठिकानों पर दबिश दी लेकिन वह नहीं मिले।

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मामले की जांच और आरोपियों की धरपकड़ के लिए ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने एसआईटी गठित की है। जाजमऊ डिफेंस कॉलोनी में एक प्लॉट में बनी झोपड़ी में सात नवंबर को आग लग गई थी। वहां रहने वाली नजीर फातिमा (65) ने आरोप लगाया था कि सपा विधायक इरफान व उनके भाई रिजवान ने आग लगवाई है।

जिससे वह प्लॉट खाली हो जाए और वह कब्जा कर लें। पड़ोस में इरफान का पुश्तैनी मकान है। मंगलवार रात तीन बजे जाजमऊ पुलिस ने दोनों भाइयों व अन्य अज्ञात पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था। उसी रात इरफान व रिजवान घर से फरार हो गए थे।

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बुधवार दोपहर को इरफान ने लखनऊ में प्रेसवार्ता भी की थी लेकिन पुलिस उनको पकड़ नहीं पाई थी। उसके बाद पुलिस ने लखनऊ स्थित सपा दफ्तर, दारुलशफा में विधायक के आवास के अलावा विधायक के अन्य ठिकानों पर दबिश दी लेकिन वे नहीं मिले।

एसीपी कोतवाली एसआईटी प्रमुख
केस की विवेचना जाजमऊ इंस्पेक्टर अशोक दुबे को सौंपी गई है। साथ ही ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने एक एसआईटी गठित की है, जिसमें एसीपी कोतवाली अभिषेक पांडेय, कर्नलगंज इंस्पेक्टर रत्नेश सिंह, इंस्पेक्टर दीनानाथ मिश्रा (क्राइम ब्रांच), इंस्पेक्टर आसिफ सिद्दीकी (साइबर सेल), दरोगा मनीष चौहान, दरोगा प्रवीण कुमार, हेड कांस्टेबल विनोद व शिवराम सिंह (सर्विलांस सेल) को शामिल किया गया है।

व्हाट्सएप पर मैसेज भेज रहे विधायक 
इरफान सोलंकी व रिजवान ने मोबाइल बंद कर दिए हैं। मंगलवार दोपहर तक मोबाइल ऑन थे, तब पुलिस ने उनको पकड़ा नहीं था। जब उनको अंदाजा हो गया कि पुलिस गिरफ्तार करेगी ही, इसलिए उन्होंने मोबाइल बंद कर दिए। हालांकि बीच-बीच में कई बार मोबाइल ऑन भी किए। लखनऊ व आसपास ही उनकी लोकेशन मिली। हालांकि वह वाईफाई से व्हाट्सएप जरूर चला रहे हैं। इरफान के नंबर से ही उनके परिवार द्वारा की जाने वाली प्रेसवार्ता के बारे में जानकारी दी गई। फिर भी पुलिस उनको ट्रेस करने में नाकाम है।
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विवादित बिल्डर समेत तीन करीबी रडार पर
चमनगंज निवासी एक विवादित बिल्डर इरफान का बेहद करीबी है। वह और उसके दो साथी भी रडार पर हैं। पुलिस उनकी भूमिका जांच रही है। अज्ञात में उनके नाम भी खुला सकते हैं। साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस कार्रवाई करेगी।

संपत्ति पर कब्जा करना, किसी गरीब मजबूर को प्रताड़ित करना बेहद गंभीर अपराध है। इसलिए जाजमऊ वाले प्रकरण को गंभीरता से लिया गया है। कोई भी कितना भी बड़ा आदमी क्यों न हो, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त व प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। जो आरोपी हैं, उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। जल्द वह पकड़े जाएंगे।- बीपी जोगदंड, पुलिस कमिश्नर 

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