निगम अभियंत्रण विभाग ने बैरिकेडिंग कराई
सुबह पार्षद पवन गुप्ता सहित आसपास के लोगों के साथ ही राहगीर एकत्रित हो गए। इसी बीच पता चला कि वहां से करीब 400 मीटर दूर नगर निगम जोन-4 के जोनल कार्यालय के सामने और उसी के पास स्थित अंध विद्यालय के सामने भी सड़क धंस गई है। वहां भी डॉट नाले की वजह से सड़क धंसने की आशंका जताई गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे नगर निगम अभियंत्रण विभाग ने बैरिकेडिंग कराई।
जवाहर नगर अंध विघालय के सामने धंसी सड़क
- फोटो : amar ujala
जर्जर डॉट नाले तक होंगे बिल
नगर निगम जोन - 4 के अधिशासी अभियंता नानक चंद्र ने बताया कि ब्रह्मनगर चौराहे पर चारों तरफ के डॉट नाले जुड़े हैं। नालों के जंक्शन के ऊपर चौराहे का सुंदरीकरण कराने के साथ ही पौधे भी लगवाए गए थे। वहां कच्ची जमीन से चूहे लगातार बिल बनाते रहे। इससे जमीन खोखली होती गई। आशंका है कि अंग्रेजों के जमाने के जर्जर डॉट नाले तक बिल होंगे और उनसे नाले में मिट्टी जाती रही होगी।
खोदाई कराने के बाद कारण स्पष्ट हो पाएगा
बारिश के दौरान उसमें पानी जाने से आसपास की जमीन धंसी होगी। इसी वजह से चौराहे और सड़क भी धंसी। जेसीबी लगाकर वहां खोदाई कराते समय कई बड़े-बड़े चूहे निकलकर इधर-उधर भागे थे। मरम्मत शुरू करा दी गई है। नेहरूनगर में भी डॉट नाले क्षतिग्रस्त होने से सड़क धंसने की आशंका है, वहां भी बैरिकेडिंग करा दी गई है। खोदाई कराने के बाद कारण स्पष्ट हो पाएगा। जल्द मरम्मत कराई जाएगी।
स्वरूपनगर में भी धंसी सड़क
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एक तरफ से ही आते-जाते रहे वाहन, यातायात प्रभावित
ब्रह्मनगर चौराहे में लंबोदर महोत्सव स्थल के पास सड़क धंसने से बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था। दूसरी तरफ से ही वाहनों को आने-जाने दिया गया। इस वजह से दोपहर से रात तक यातायात प्रभावित रहा।
चूहे बिल बनाकर मिट्टी खोखली कर देते हैं। इससे आसपास की मिट्टी भी ढीली हो जाती है। डॉट नाले सौ साल से भी ज्यादा पुराने हैं। ईंटों, सुर्खी चूने से बने नाले मियाद पूरी कर चुके हैं। ब्रह्मनगर चौराहे पर डॉट नालों का जंक्शन है। संभव है कि चूहों की वजह से मिट्टी पोली होने या वहां बने चैंबर से डॉट नाले तक बिल बनने अथवा मिट्टी हटने की वजह से सड़क धंसी हो। जल्द मरम्मत कराने की कोशिश की जा रही है। -एसएफए जैदी, मुख्य अभियंता, नगर निगम
बारिश में सड़क पर कीचड़ दलदल हो गया, संभाल कर निकलते लोग
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चूहों की वजह से धंसा था रेलबाजार पुल
सेंट्रल स्टेशन के पास इलाहाबाद रेलवे क्रॉसिंग पर बना पुल तीन साल पहले चूहों की वजह से धंस गया था। जांच में इसका खुलासा हुआ था। दरअसल, सेतु निगम ने दोनों तरफ कंक्रीट ब्लाक की जो बनाई थीं, उनमें गोल छेद थे। पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन अधिशासी अभियंता (प्रांतीय खंड) राकेश सिंह सहित अन्य अभियंताओं ने जांच की थी, जिसमें पता चला था कि इन्हीं छेदों से घुसे चूहों ने पुल में बिल बना दिए थे। बिलों और उनमें बरसाती पानी जाने की वजह से धीरे-धीरे पुल की मिट्टी कम हो गई। इसी वजह से पुल के सेंट्रल स्टेशन की तरफ बने रैंप की सड़क दो बार धंसी थी।
सवा साल पहले भी धंसा था डॉट नाला
नेहरूनगर में जिस स्थान पर सोमवार को डॉट नाले धंसे, वहां सवा साल पहले भी डॉट नाला धंसा था। तब नगर निगम जोन - 4 के तत्कालीन जोनल अभियंता सतीश कुमार ने क्षतिग्रस्त नाले का मलबा हटवाकर सीमेंट के पाइप बिछवाए थे और दोनों तरफ चैंबर बनवाए थे। इसके बाद समतलीकरण कर सड़क बनवाई गई थी।