डी-टू गैंग की कमान संभाल रहे मूलगंज निवासी बाबर पर कमिश्नरी पुलिस मेहरबान है। अपराधियों को अवैध असलहों की सप्लाई, नई सड़क बवाल और आगजनी में वांछित चल रहे बाबर पर पुलिस आज तक न तो गैंगस्टर की कार्रवाई कर सकी, न ही हिस्ट्रीशीट खोल सकी है, जबकि उसके ऊपर आठ गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
शातिर अपराधी बाबर पुलिस एनकाउंटर में मारे गए रईस बनारसी का भांजा है। वह पूर्वांचल के अपराधियों को विदेशी असलहा सप्लाई करता था। एटीएस ने वर्ष 2012 में विदेशी हथियारों की तस्करी में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाबर के सप्लाई किए गए हथियार इतने असली दिखाई देते थे कि कई शस्त्र विक्रेताओं ने असली बताकर उन्हें बेचना भी शुरू कर दिया था। इसका खुलासा एटीएस ने किया था। डेढ़ साल पहले ही बाबर जेल से जमानत पर छूटकर बाहर आया है।