कानपुर में तैयार मेट्रो स्टेशन
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कानपुर मेट्रो ट्रेन में यात्री आपात स्थिति में आगे और पीछे इंजन के पास से बाहर निकालकर रेलवे ट्रैक में पहुंच सकेंगे। विश्व स्तरीय अत्याधुनिक कोचों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर यात्री पर नजर रखी जाएगी। हर कोच में एक पेनिक बटन होगा, ट्रेन में छेड़छाड़, बदतमीजी या कोई अन्य अप्रत्याशित मामला होने पर इस बटन को दाब कर तुरंत ड्राइवर को सूचना दी जा सकेगी।
ड्राइवर तुरंत कंट्रोल रूम में सूचित करेगा, जिससे अगले स्टेशन में ही गलत हरकत करने वाले को दबोचा जा सकेगा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन (यूपीएमआरसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुरूआत में आईआईटी से मोतीझील के बीच तीन कोच की ट्रेन चलेगी। आगे और पीछे वाले कोच में इंजन होगा।
ट्रेन में हर समय सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कंट्रोल रूम में बैठे पुलिस कर्मी नजर रखेंगे। प्रदेश सरकार की तरफ से गठित फोर्स (एसएफएस) को भी इस कार्य के साथ ही अन्य कार्यों में लगाया जाएगा। एनाउंसमेंट सिस्टम रहेगा, जिससे आने वाले स्टेशन से लेकर दरवाजा बाईं या दाईं तरफ में से किस तरफ खुलेगा, यह सूचना भी दी जाती रहेगी।
ट्रेन 24 को आने की उम्मीद
मेट्रो से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहली मेट्रो ट्रेन के तीनों कोच 24 या 25 सितंबर को यहां डिपो में आने की उम्मीद है। डिपो मे कोच जोड़ने के साथ ही कई सिस्टम लगाए जाएंगे। सुुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। ये सभी कार्य पूरे करने की डेडलाइन 14 नवंबर है। तब तक आईआईटी से गीता नगर या उससे आगे तक सिग्नलिंग सहित अन्य कार्य भी पूरे कर लिए जाएंगे। 15 नवंबर डिपो से आईआईटी के बीच मेट्रो ट्रेन का ट्रायल शुरू किया जाएगा।