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Kanpur: आढ़ती की मौत के मामले में चौकी प्रभारी और दरोगा निलंबित, सचेंडी और पनकी थानेदार की होगी विभागीय जांच

Mon, 03 Aug 2026 05:02 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

आढ़ती की मौत के मामले में डीसीपी वेस्ट ने परिजनों के आरोपों पर कार्रवाई करते हुए चौकी प्रभारी और दरोगा को निलंबित कर दिया है।
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निलंबित दरोगा विकास वर्मा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आलू आढ़ती देवेश शुक्ला के मामले में लापरवाही बरतने वाले इंडस्ट्रियल चौकी प्रभारी विकास वर्मा और दरोगा शरद कुमार को निलंबित कर दिया गया है। डीसीपी वेस्ट ने प्रारंभिक जांच में दोनों की लापरवाही को उनकी गुमनाम मौत का जिम्मेदार माना है। इनमें चौकी प्रभारी के पास उनके घायल मिलने की सूचना आई थी। इसे उन्होंने किसी गंभीरता से न लेते हुए उच्चाधिकारियों को बताना उचित नहीं समझा। वहीं मौत की सूचना पर पोस्टमार्टम के लिए पंचनामा भरने वाले दरोगा शरद कुमार को शिनाख्त के प्रयास न करने का आरोपी माना गया है। वहीं लापरवाही बरतने पर सचेंडी और पनकी थानेदार की विभागीय जांच होगी।

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जूही निवासी मनोज कुमार शुक्ला की चकरपुर मंडी में देवेश कुमार योगेश कुमार एंड संस के नाम से आढ़त है। उनके भाई देवेश शुक्ला दो जुलाई को मंडी गए थे, तब से वापस नहीं लौटे। मनोज ने सचेंडी थाने में पांच जुलाई को मंडी व्यापारी संजू पाल, उसके मुनीम टिंकू यादव और ऑटो चालक प्रांशु के खिलाफ अपहरण आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने संजू पाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। शनिवार को मामले की सुनवाई में कचहरी से लौटते समय उनके भाई फील्ड यूनिट कार्यालय गए थे। जहां उन्हें उनके लापता भाई देवेश शुक्ला की सात जुलाई को मौत और 10 को पोस्टमार्टम व अंतिम संस्कार होने की जानकारी मिली।

जांच में पता चला कि पनकी पुलिस को तीन जुलाई को अज्ञात व्यक्ति ने सूचना दी थी कि मौरंग मंडी के पास कोई व्यक्ति घायल पड़़ा है। उसके सिर और नाक से खून व मुंह से झाग निकल रहा था। इसके बाद उन्हें सीएचसी कल्याणपुर में भर्ती कराया गया था। फिर उन्हें उर्सला रेफर कर दिया गया, जहां उनकी मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि पूरा मामला एसीपी पनकी की जानकारी में था। यदि पनकी पुलिस एसीपी को सूचना दे देती तो समय रहते शायद शिनाख्त हो जाती। परिजन का आरोप है कि पनकी पुलिस की लापरवाही से वह भाई का अंतिम संस्कार नहीं कर पाए। आरोपों की डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने जांच कराई तो घायल अवस्था की सूचना पनकी थाने की इंडस्ट्रियल चौकी प्रभारी विकास शर्मा के पास आने और उच्चाधिकारियों को न बताने का जिम्मेदार माना गया। वहीं पोस्टमार्टम के पंचनामे से पहले शिनाख्त के लिए जिले के थानों में गुमशुदगी जैसी जानकारी न जुटाने पर दरोगा शरद कुमार को निलंबित किया गया।
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चेन और अंगूठी गायब, लूट के लिए हुई हत्या
देवेश के परिजन लूट के लिए हत्या किए जाने की बात कह रहे हैं। उनका दावा है कि लूटने के इरादे से ही सिर पर वार कर हत्या की गई है। वह अंगूठी और चेन पहनते थे। पुलिस ने जब शव का पंचनामा भरा था तो उसमें अंगूठी और चेन का जिक्र नहीं था। वह जब मंडी से निकलते थे तो उनके पास तगादे की रकम होती थी। उसका भी पता नहीं चल रहा है। रविवार दोपहर पीड़ित परिवार डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी से मिलने उनके कार्यालय पहुंचा। वहां उन लोगों ने पनकी पुलिस पर शिनाख्त कराने के मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। वहीं मामले में रविवार को पुलिस ने दो आरोपियों मुनीम टिंकू यादव और चालक प्रियांशु को हिरासत में लेकर पूछताछ की है।

चौकी प्रभारी और एक दरोगा को निलंबित किया गया है। सचेंडी और पनकी थाना प्रभारी की विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। - एसएम कासिम आबिदी, डीसीपी वेस्ट

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