जांच में पता चला कि पनकी पुलिस को तीन जुलाई को अज्ञात व्यक्ति ने सूचना दी थी कि मौरंग मंडी के पास कोई व्यक्ति घायल पड़़ा है। उसके सिर और नाक से खून व मुंह से झाग निकल रहा था। इसके बाद उन्हें सीएचसी कल्याणपुर में भर्ती कराया गया था। फिर उन्हें उर्सला रेफर कर दिया गया, जहां उनकी मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि पूरा मामला एसीपी पनकी की जानकारी में था। यदि पनकी पुलिस एसीपी को सूचना दे देती तो समय रहते शायद शिनाख्त हो जाती। परिजन का आरोप है कि पनकी पुलिस की लापरवाही से वह भाई का अंतिम संस्कार नहीं कर पाए। आरोपों की डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने जांच कराई तो घायल अवस्था की सूचना पनकी थाने की इंडस्ट्रियल चौकी प्रभारी विकास शर्मा के पास आने और उच्चाधिकारियों को न बताने का जिम्मेदार माना गया। वहीं पोस्टमार्टम के पंचनामे से पहले शिनाख्त के लिए जिले के थानों में गुमशुदगी जैसी जानकारी न जुटाने पर दरोगा शरद कुमार को निलंबित किया गया।
चेन और अंगूठी गायब, लूट के लिए हुई हत्या
देवेश के परिजन लूट के लिए हत्या किए जाने की बात कह रहे हैं। उनका दावा है कि लूटने के इरादे से ही सिर पर वार कर हत्या की गई है। वह अंगूठी और चेन पहनते थे। पुलिस ने जब शव का पंचनामा भरा था तो उसमें अंगूठी और चेन का जिक्र नहीं था। वह जब मंडी से निकलते थे तो उनके पास तगादे की रकम होती थी। उसका भी पता नहीं चल रहा है। रविवार दोपहर पीड़ित परिवार डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी से मिलने उनके कार्यालय पहुंचा। वहां उन लोगों ने पनकी पुलिस पर शिनाख्त कराने के मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। वहीं मामले में रविवार को पुलिस ने दो आरोपियों मुनीम टिंकू यादव और चालक प्रियांशु को हिरासत में लेकर पूछताछ की है।
चौकी प्रभारी और एक दरोगा को निलंबित किया गया है। सचेंडी और पनकी थाना प्रभारी की विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। - एसएम कासिम आबिदी, डीसीपी वेस्ट