गर्मी से समर डायरिया बेकाबू हो रहा है। बच्चों के साथ बड़े भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। डायरिया के बाद ब्लड प्रेशर बहुत कम हो जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि रोगी की पल्स नहीं मिलती। डायरिया के रोगियों की हालत गंभीर हो जाने के बाद हैलट इमरजेंसी में भर्ती किया गया। वहीं एक पुराने रोगी की डायरिया के बाद मौत हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि गर्मी में ओपीडी के रोगियों की संख्या कम हुई है। लेकिन डायरिया, गैस्ट्रोइंटाइटिस, टाइफाइड और पीलिया के रोगी आ रहे हैं।
अस्पतालों की ओपीडी में इक्का-दुक्का लू लगने के रोगी आने लगे हैं। रोगियों के शरीर में पानी और नमक की कमी हो जा रही है। ब्लड प्रेशर कम होने का साथ ही पल्स कम हो रही है। नवाबगंज के रहने वाले राजेश कुमार (52) की मौत हो गई। वह अस्थमा के रोगी रहे हैं। परिजनों ने बताया कि सुबह उल्टी और दस्त हुआ। इसके बाद बेहोशी आ गई। अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सीनियर फिजीशियन डॉ. ललित ने बताया कि डायरिया के दो रोगियों को भर्ती किया गया है।