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कानपुर: जो सीएम की प्राथमिकता में, उसी की अनदेखी, ठीक से जनसुनवाई न करने पर 15 विभागाध्यक्षों को नोटिस

Mon, 11 Oct 2021 11:18 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

डॉ. मौर्य की तरह ही जिले के 14 अन्य विभागाध्यक्षों को भी नोटिस जारी किया गया है। जनसुनवाई को लेकर जिले के आला अफसरों की अनदेखी की पोल खुलती जा रही है। बीते दिनों समाधान दिवस में अफसरों के गायब रहने का मामला सामने आया।
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मुख्यमंत्री योगी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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एक मरीज ने आयुष्मान योजना के तहत मेडिकल कॉलेज से इलाज की जानकारी मांगी। एक महीने बाद भी हैलट प्रबंधन मरीज को यह नहीं बता सका कि उसका योजना के तहत इलाज हो सकेगा या नहीं? इस पर मरीज ने एकीकृत शिकायत निवारण सिस्टम (आईजीआरएस) के जरिये जानकारी मांगी।
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इसके बाद भी उसे जवाब नहीं मिला। इस पर जिलाधिकारी विशाख जी ने हैलट के चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके मौर्य को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है। डॉ. मौर्य की तरह ही जिले के 14 अन्य विभागाध्यक्षों को भी नोटिस जारी किया गया है।

जनसुनवाई को लेकर जिले के आला अफसरों की अनदेखी की पोल खुलती जा रही है। बीते दिनों समाधान दिवस में अफसरों के गायब रहने का मामला सामने आया। इसके बाद जिलाधिकारी ने सुबह 10 से 12 बजे तक की उपस्थिति चेक कराई तो उसमें भी छह कार्यालयों के 81 अधिकारी-कर्मचारी गायब मिले।
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अब सितंबर में आईजीआरएस पोर्टल के जरिये भेजी गई शिकायतों की समीक्षा हुई तो हैलट के सीएमएस, बिल्हौर के तहसीलदार, खाद्य विपणन अधिकारी समेत 15 विभागाध्यक्षों की लापरवाही सामने आई। जिलाधिकारी ने सभी को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है।

संतोषजनक जवाब न मिलने पर सभी की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि जनसुनवाई मुख्यमंत्री की प्राथमिकता का काम है। इसमें लापरवाही बरतने वाले अफसर उनकी नजर में रहेंगे।
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