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कानपुर: केजीएमयू जांच के लिए भेजे गए जीका के नौ सैंपल निगेटिव, नहीं मिल रहा वायरस फैलने का स्रोत

Fri, 29 Oct 2021 08:09 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर में जीका वायरस का स्रोत पता करने के लिए 70 से अधिक टीमें जांच पड़ताल में जुटी हैं। 32 गर्भवती महिलाओं समेत कुल 258 सैंपल गुरुवार को लेकर भेजे गए हैं। इनमें 175 सैंपल एयरफोर्स एरिया से लिए गए। 
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जीका वायरस - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर से जांच के लिए केजीएमयू भेजे गए जीका के 12 सैंपल में नौ निगेटिव निकले है। तीन सैंपल जीका रोगी के रहे हैं, उनकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है। सैंपल निगेटिव निकलने से जीका स्रोत तलाशने में महामारी विशेषज्ञों की उलझन बढ़ गई है।
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32 गर्भवती महिलाओं समेत कुल 258 सैंपल गुरुवार को लेकर भेजे गए हैं। इनमें 175 सैंपल एयरफोर्स एरिया से लिए गए। स्वास्थ्य विभाग की 63 टीमों ने पोखरपुर और आसपास के क्षेत्रों के आठ हजार 887 घरों का सर्वे किया। 49 रोगी लक्षण युक्त पाए गए। इनमें 47 का सैंपल लिया गया।

36 गर्भवतियों की जांच की गई और 32 का सैंपल लिया गया। अब तक कुल 292 सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें 40 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। दिल्ली, लखनऊ और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने रामादेवी स्थित तीन अस्पतालों में जाकर स्वास्थ्य सेवाएं देखीं।
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अस्पतालों में आने वाली गर्भवती महिलाओं का ब्यौरा लिया। इसके साथ ही डफरिन, उर्सला और कांशीराम अस्पताल की व्यवस्था देखी जा रही है। जच्चा-बच्चा अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं का भी डीटेल ली जा रही है। अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. जीके मिश्रा ने बताया कि सर्वे और सोर्स पर काम किया जा रहा है।

अस्पतालों के संसाधनों पर रिपोर्ट तैयार
दिल्ली और लखनऊ से आई विशेषज्ञों की टीम ने अस्पतालों के संसाधनों पर रिपोर्ट तैयार की है। निजी अस्पतालों के साथ सरकारी अस्पतालों के संसाधन का जायजा लिया गया। इनमें हैलट, उर्सला, कांशीराम, बीमा अस्पताल तथा निजी अस्पताल शामिल हैं।

देखा जा रहा है कि जीका का संक्रमण अगर तेज हुआ तो इन अस्पतालों में रोगियों का इलाज हो पाएगा कि नहीं। टीम अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। अस्पतालों को उसी लिहाज से तैयार होना पड़ेगा।
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