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क्लास में कत्ल: मैंने मजाक में गाली दी, नीलेंद्र ने लड़के लगवा दिए, इसलिए मार डाला; मां बोली- मेरा लाल बहुत...

Tue, 01 Aug 2023 12:02 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

कानपुर के बिधनू थाना क्षेत्र की गंगापुर कालोनी स्थित प्रयाग विद्या मंदिर इंटर काॅलेज में सोमवार सुबह 10वीं के छात्र की उसी के सहपाठी ने क्लास के अंदर चाकू से गोदकर हत्या कर दी। हत्यारोपी ने पुलिस की पूछताछ में खुलासा किया। बताया कि मैंने मजाक में गाली दी थी, नीलेंद्र ने लड़के लगवा दिए, इसलिए मार डाला।
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Kanpur Murder - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर के बिधनू के प्रयाग विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में हत्यारोपी और नीलेंद्र दोनों एक ही कक्षा में पढ़ते थे। कक्षा में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं ने बताया कि दोनों में दोस्ती भी थी। वहीं, पुलिस ने जब हत्यारोपी को बैठाकर पूछताछ शुरू की तो उसके चेहरे पर किसी भी तरह का अफसोस नजर नहीं आया। 
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पुलिस ने पूछा कि तुमने नीलेंद्र को क्यों मारा? सवाल को सुनकर हत्यारोपी इधर-उधर देखने लगा फिर बोला उसने मुझे मरवाने के लिए लड़के लगवाए थे...। पुलिस ने फिर सवाल किया कि लड़के क्यों लगवाए ? तो हत्यारोपी ने जवाब दिया कि हम दोनों दोस्ती यारी में एक दूसरे को गाली दिया करते थे। कुछ दिन पहले एक बात को लेकर मजाक में उसे गाली दे दी थी...। 

गाली सुनते ही वह गंभीर हो गया और घूरने लगा...। दो दिन शनिवार और रविवार को स्कूल की छुट्टी थी। मैं जब भी घर से बाहर निकला तो मेरे पीछे नीलेंद्र के लगाए लड़के पीछा करते दिखे...। तब मुझे लगा कि नीलेंद्र मुझसे दुश्मनी निकालना चाहता है। 
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इसलिए नीलेंद्र को निपटाने के लिए रविवार को सब्जी काटने वाले चाकू में धार लगवाई। चाकू को बैग में छिपाकर स्कूल पहुंचा और इंटरवल में मौका मिलते ही हत्या कर दी। हालांकि, स्कूल में सहपाठी छात्रा से दोस्ती को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ने की चर्चा रही। पुलिस को इस संंबंध में हत्यारोपी ने कुछ भी नहीं बताया।

चाकू को बैग में छिपाकर स्कूल पहुंचा और इंटरवल में मौका मिलते ही हत्या कर दी। हालांकि स्कूल में सहपाठी छात्रा से दोस्ती को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ने की चर्चा रही। पुलिस को इस संबंध में हत्यारोपी छात्र ने कुछ नहीं बताया। वहीं, घटना के बाद शव को साढ़े 11 बजे तक मोर्चरी में पहुंचा दिया गया था। इसके बाद बिधनू पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।  

 

अपने लाल की बात मान ली होती तो उसकी जान बच जाती
दोनों के बीच चल रहे विवाद के कारण नीलेंद्र को भी अपनी जान का खतरा महसूस होने लगा था। वह सोमवार को स्कूल जाने के लिए तैयार नहीं था, लेकिन मां पूनम के डांटने पर वह स्कूल जाने के लिए तैयार हो गया। बेटे की मौत से बेसुध मां रोते हुए यही कहती रही कि अगर उन्होंने अपने लाल की बात मान ली होती और उसे स्कूल जाने से रोक लेती तो उसकी जान बच जाती...। 

वह फफकते हुए बोलीं ... हाय मेरा लाल बहुत तड़पा होगा...। भगवान उसकी जान लेने से अच्छा था कि मेरी जान ले लेते...। उनकी बातें सुनकर आसपास खड़े लोगों की आंखें भी नम हो गईं। महिलाओं ने उन्हें ढांढस बंधाया। नीलेंद्र की मौत के बाद भी काफी देर तक लोगों ने उसकी मां को नीलेंद्र की मौत की जानकारी नहीं दी। इस दौरान वह लगातार भगवान से बेटे को बचा लेने की प्रार्थना करती रहीं।

 

हत्या और सिर्फ हत्या ही था इरादा
नीलेंद्र का पोस्टमार्टम करने वाले घाटमपुर सीएचसी के डॉ. जयप्रकाश और पोस्टमार्टम कर्मियों के अनुसार छात्र के शव को देखकर ऐसा लगा कि किसी प्रोफेशनल ने मौत घाट उतारा है। आवेश में आकर यदि कभी कोई शख्स चाकू से हमला करना भी चाहेगा तो पेट या सीने पर करेगा, लेकिन हत्यारोपी ने नीलेंद्र की गर्दन पर ही ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उसके बचने का कोई भी चारा नहीं था। गर्दन में स्वांस नली में करीब दो से तीन इंच के छेद हैं, जिससे साफ है कि हत्यारोपी ने चाकू सीधा गर्दन में धंसा दिया था। वहीं, ठोढ़ी के नीचे करीब चार इंच का कट मिला है।
 

लापरवाह पुलिस नहीं करवा सकी समय से पोस्टमार्टम
मामले में पुलिस की भी लापरवाही सामने आई है। घटना के बाद शव को करीब 11:30 बजे तक मोर्चरी में पहुंचा दिया गया था। इसके बाद भी बिधनू पुलिस ने शाम पांच चार बजे पंचायतनामा भरा और पांच बजे उसे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया जा सका। पोस्टमार्टम का समय खत्म होने के संवेदना जताते हुए डॉक्टरों ने देर शाम को शव का पोस्टमार्टम कराया।
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गले में चाकू घुसते ही फूटी खून की धार, फिर भी नहीं रुका हत्यारोपी
नीलेंद्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्यारोपी की क्रूरता की दास्तां बयां है। शव पर गर्दन और कंधे के पास चाकू से हुए गहरे घाव मिले हैं। एक करीब चार इंच का घाव स्वांस नली पर मिला है। संभव है कि पहला वार यहीं किया गया, जिससे नीलेंद्र के गले से खून की धार बहने लगी। वह छटपटाते हुए वहीं गिर गया। इसके बाद भी हत्यारोपी नहीं रुका और नीलेंद्र के गले में कई वार किए। गर्दन पर दो से तीन इंच के तीन और घाव मिले हैं। इसके अलावा दो घाव तीन इंच के दाहिनी ओर गले और कंधे के बीच में हैं। सांस नली कटने और अधिक खून बहने से नीलेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।
 
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