कानपुर नगर निगम के मुख्य नगर लेखा परीक्षक हुबई राम और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विनय कुमार राय ने कागजों में हेरफेर कर स्वयं अपना वेतन बढ़ा लिया। कई सालों से बढ़े वेतन के रूप में दोनों अफसर करीब 10-10 लाख रुपये अतिरिक्त ले चुके हैं। अब जांच में इसका खुलासा हुआ तो शासन ने नगर आयुक्त को दोनों अफसरों के वेतन से अतिरिक्त धनराशि की रिकवरी करने के आदेश दिए हैं। विनय राय का तबादला छह महीने पहले अलीगढ़ नगर निगम में हो चुका है।
हुबई राम तीन साल पहले तबादले के बाद कानपुर नगर निगम आए हैं। यहां उन्हें पुरानी सैलरी स्लिप के आधार पर ही वेतन दिया जाने लगा। इसी तरह चार साल पहले यहां स्थानांतरित होकर आए मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विनय कुमार राय को भी पूूर्व तैनाती स्थल की वेतन पर्ची के आधार पर यहां बढ़ा हुआ वेतन दिया जाने लगा।
चार महीने पहले शासन में इस गड़बड़ी की शिकायत की गई। शासन ने अक्तूबर में नगर निगम के मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी रमेश निरंजन को इस मामले की जांच सौंपी। जांच में दोनों के हर महीने ज्यादा वेतन लेने की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर स्थानीय निकाय निदेशालय (लखनऊ) के निदेशक अखिलेश सिंह ने नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा को दोनों से रिकवरी करने और सही वेतन जारी कराने के निर्देश दिए।