इंटर के बाद छोड़नी पड़ी थी पढ़ाई
घर खर्च चलाने के लिए प्रहलाद आज भी हाथ रिक्शा चलाते हैं और सावित्री मजदूरी करती हैं। वहीं, ब्लॉक तीन में उनका बड़ा बेटा अतीत, पत्नी ममता और दो बच्चों के साथ किराये का फ्लैट लेकर रहता है, जबकि मंझला बेटा धर्मेंद्र अरुणाचल प्रदेश में नगर निगम में संविदा में कार्यरत है। प्रहलाद ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण अंकित को इंटर के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी।
कहता था- शेयर मार्केट में पैसा लगा रहा
कभी-कभी वह मजदूरी करता था। अंकित ने वर्ष 2021 में स्कूटी खरीदी थी। मोबाइल और लैपटॉप पर उसकी व्यस्तता देख घरवाले पूछते तो वह कहता था कि शेयर मार्केट में पैसा लगा रहा है, जिससे उसकी कुछ आमदनी हो जाती है। भाभी ममता ने बताया कि शनिवार को कॉलोनी में वह और अंकित घूम रहे थे तभी दो लोग आए और अंकित को लेकर चले गए थे।
आवास योजना में फ्लैट दिलाने का आश्वासन दिया था
बताया था कि पूछताछ के बाद छोड़ देंगे। अब छह दिन से उसका कुछ पता नहीं चल सका है। थाने, चौकी के भी चक्कर काट लिए। बताया कि उसने कई बार शेयर मार्केट में पैसा लगाकर मुनाफे की भी बात बताई थी। बड़ा मुनाफा होने पर उसने बड़े भाई अतीत को भी आवास योजना में फ्लैट दिलाने का आश्वासन दिया था। बताया कि अंकित अपनी मां के लीवर और आंख का इलाज भी प्राइवेट अस्पताल में करा रहा था।
अंकित को उठाया तो भाई अतीत हुआ नदारद
शनिवार को छोटे बेटे अंकित को यूपी एटीएस ने उठाया तो बड़ा भाई अतीत नदारद हो गया। पत्नी ममता ने बताया कि उनका फोन नहीं मिल रहा है। करवाचौथ के त्योहार पर भी वह नहीं आए।
परिजन बोले- कानपुर के बाहर कभी नहीं गया
पिता प्रहलाद का कहना है कि उनका बेटा अंकित कभी कानपुर से बाहर नहीं गया। मां सावित्री का कहना है कि उनका बेटा सिर्फ शेयर मार्केट में पैसा लगता था। उनको अभी भी भरोसा नहीं हो रहा है कि वह आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था।
कार लेने की कर रहा था तैयारी
चर्चा है कि अंकित शेयर मार्केट में ही पैसा लगाता था। वह घर का खर्च भी पूरा चला रहा था और मां का इलाज भी करा रहा था। उसने हाल ही में एक नई कार भी लेने की बात कही थी जिसे सुनकर परिजन भी हैरान हो गए थे। उन्होंने पूछा भी था कि इतने पैसे कहां से लाओगे।