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कानपुर: प्रसूता की मौत पर हंगामा, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप, गर्भ में ही हो गई थी बच्चे की मौत

Thu, 03 Mar 2022 12:57 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर में सहगल नर्सिंग होम में जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने हंगामा काटा। 
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बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में गोेविंदनगर स्थित एक निजी हॉस्पिटल में गुरुवार को प्रसूता की मौत से नाराज परिजनों ने अस्पताल में तीन घंटे तक हंगामा किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजन डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगा रहे थे।
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मुआवजे के आश्वासन पर परिजन शांत हुए। जूही सफेद कालोनी निवासी सनोज पाल बर्रा दो स्थित ग्लास हाउस में नौकरी करते हैं। परिवार में पत्नी शिमला (35) और बेटा पुनीत (06) थे। सनोज ने बताया कि उनकी पत्नी गर्भ से थी। उसका गोविंद नगर जे ब्लॉक स्थित डॉ. केएल सहगल नर्सिंग होम में डॉ. स्वीटी सहगल की देखरेख में इलाज चल रहा था।

दो मार्च को वह रूटीन चेकअप के लिए पत्नी को लेकर हॉस्पिटल पहुंचे। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देखकर डॉ. स्वीटी ने बताया कि बच्चा पेट में मर गया है। इसके बाद डाक्टर ने ऑपरेशन करने की बात कही। हॉस्पिटल प्रबंधन ने बुधवार को 13 हजार रुपये कैश व करीब आठ हजार की दवाएं मंगवा ली, लेकिन रात तक ऑपरेशन नहीं किया।
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इस दौरान पूरी रात शिमला दर्द से कराहती रही। सुबह डॉक्टर उसे ऑपरेशन थियेटर में ले गए। ओटी में जाने के कुछ देर बाद ही उसकी सांसें थम गईं। परिजनों को यह जानकारी दी गई तो उन लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिजन डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाकर हंगामा करते रहे। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। 

मुआवजे के आश्वासन पर शांत हुए
प्रसूता की मौत के बाद परिजन पहले कार्रवाई फिर मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। पुलिस की मौजूदगी में अस्पताल प्रबंधन ने पांच लाख रुपये देने का आश्वासन दिया। मुआवजे की रकम मिलने के बाद परिजनों ने कोई भी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया।

परिजन डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर रहे थे। अस्पताल प्रबंधन द्वारा पांच लाख रुपये मुआवजा मिलने के बाद परिजन शांत हो गए। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।- रोहित तिवारी, थाना प्रभारी गोविंदनगर

ओटी में जाने से पहले ही प्रसूता की मौत हो गई। परिवार के प्रति हमें दुख है। दोनों पक्षों में लीगल समझौता हो गया है। कोई भी डॉक्टर ये नहीं चाहेगी की उसके पेशेंट की मौत हो। - डॉ. स्वीटी सगहल

गोविंदनगर के जिस नर्सिंगहोम में घटना हुई है। वह रजिस्टर्ड नर्सिंगहोम है। डिग्री धारी डॉक्टर इसे संचालित कर रही हैं। नर्सिंगहोम के संबंध में जानकारी ले ली गई है। - डॉ. सुबोध प्रकाश, एसीएमओ (नर्सिंगहोम)
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