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कानपुर: धर्मांतरण का दबाव बनाने का आरोप लगाने वाले के खिलाफ खड़ा हुआ मोहल्ला, दी थी हत्या की धमकी

Sun, 04 Jul 2021 10:04 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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धर्म परिवर्तन प्रकरण - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में धर्मांतरण का दबाव बनाने का आरोप लगाने के मामले में पुलिस 50 से अधिक लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मोहल्ले में बयान दर्ज करने पहुंची तो हैरत में पड़ गई। आरोप लगाने वाले विश्वनाथ गुप्ता के खिलाफ पूरा मोहल्ला ही नहीं बल्कि खुद उसका सगा भाई खड़ा हो गया। सभी ने विश्वनाथ पर ही आरोप लगाए कि वह आए दिन नशे में मोहल्ले में गालीगलौज करता है।
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महिलाओं पर बुरी नजर रखता है। कार्रवाई से बचने के लिए उसने धर्मांतरण के मुद्दे को सहारा बनाने का प्रयास किया है, जबकि मोहल्ले में ऐसा कुछ नहीं है, सभी भाईचारे के साथ रहते हैं। मोहल्ले मेें ही रहने वाले सगे भाई राजू गुप्ता, पप्पू, ममता शाह, राहुल कुमार, गीता दीक्षित, जगरूप कुशवाहा, सुनीता देवी, सरला आदि ने बताया कि राजीव नगर मोहल्ले में हिंदू आबादी के बीच एक गली में चमन नगर बसा है। इस गली में करीब 50 मुस्लिम परिवार हैं और 10 हिंदू परिवार हैं।

हिंदू परिवारों ने पुलिस को बताया कि यहां सभी लोग आपस में मिलजुलकर रहते हैं। ऐसे में सिर्फ विश्वनाथ के परिवार पर ही पलायन व धर्मांतरण का दबाव बनाने की बात पुलिस की जांच में संदिग्ध निकली। नौबस्ता थाना प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि जांच में विश्वनाथ के खिलाफ फर्जीवाड़े के साक्ष्य मिले हैं। धर्मांतरण और बलवा जैसे आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट तैयार कर ऊपर भेज दी गई है।
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थाने में शिकायत के लगाया धर्मांतरण का दबाव बनाने का आरोप
राजू ने पुलिस को बताया कि 26 जून को मोहल्ले में रहने वाले अशोक शाह के घर की इन्वर्टर लाइन फुंक गई थी। पानी की समस्या हुई तो उन्होंने अपने घर से बिजली की सप्लाई दे दी। इस बात पर विश्वनाथ ने जमकर हंगामा किया। धर्म विशेष के लोगों का नाम लेकर गालीगलौज की। इस पर सभी ने उसके खिलाफ थाने में शिकायत की थी। आरोप है कि इसी मामले के बाद विश्वनाथ ने धर्मांतरण के मुद्दे की आड़ में सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवा दी। 

गलत आचरण के चलते ही पिता ने जायदाद से किया था बेदखल
भाई राजू ने कहा कि पुलिस अगर विश्वनाथ के विषय में 1993 से अब तक का इतिहास पता करे तो नौबस्ता, बर्रा, पनकी, किदवईनगर आदि थानों में कई आपराधिक घटनाओं में शामिल होने के साक्ष्य मिल सकते हैं। पनकी पुलिस ने उसे मीटर में रिमोट डिवाइस लगाकर उपभोक्ता को लाभ पहुंचाने के आरोप में पकड़ा था। राजू के अनुसार विश्वनाथ के गलत आचरण के चलते ही पिता ने उसे अपनी जायदाद से बेदखल कर दिया था।

नशेबाजी के बाद लगा था छेड़छाड़ का आरोप
रेलवे से रिटायर्ड रामगोपाल दीक्षित ने बताया कि उनका बेटा अखिलेश रेलवे में गार्ड है। दो साल पहले वह कुत्ता टहला रहा था। आरोप है कि इस बीच विश्वनाथ नशे में गुजरा और अपशब्द कहे। बेटे ने विरोध किया तो दूसरे दिन अपनी पत्नी के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज करवा दी थी। हालांकि पुलिस जांच में मामला फर्जी पाया गया था।
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