कानपुर में धर्मांतरण का दबाव बनाने का आरोप लगाने के मामले में पुलिस 50 से अधिक लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मोहल्ले में बयान दर्ज करने पहुंची तो हैरत में पड़ गई। आरोप लगाने वाले विश्वनाथ गुप्ता के खिलाफ पूरा मोहल्ला ही नहीं बल्कि खुद उसका सगा भाई खड़ा हो गया। सभी ने विश्वनाथ पर ही आरोप लगाए कि वह आए दिन नशे में मोहल्ले में गालीगलौज करता है।
महिलाओं पर बुरी नजर रखता है। कार्रवाई से बचने के लिए उसने धर्मांतरण के मुद्दे को सहारा बनाने का प्रयास किया है, जबकि मोहल्ले में ऐसा कुछ नहीं है, सभी भाईचारे के साथ रहते हैं। मोहल्ले मेें ही रहने वाले सगे भाई राजू गुप्ता, पप्पू, ममता शाह, राहुल कुमार, गीता दीक्षित, जगरूप कुशवाहा, सुनीता देवी, सरला आदि ने बताया कि राजीव नगर मोहल्ले में हिंदू आबादी के बीच एक गली में चमन नगर बसा है। इस गली में करीब 50 मुस्लिम परिवार हैं और 10 हिंदू परिवार हैं।
हिंदू परिवारों ने पुलिस को बताया कि यहां सभी लोग आपस में मिलजुलकर रहते हैं। ऐसे में सिर्फ विश्वनाथ के परिवार पर ही पलायन व धर्मांतरण का दबाव बनाने की बात पुलिस की जांच में संदिग्ध निकली। नौबस्ता थाना प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि जांच में विश्वनाथ के खिलाफ फर्जीवाड़े के साक्ष्य मिले हैं। धर्मांतरण और बलवा जैसे आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट तैयार कर ऊपर भेज दी गई है।