भारतीय जनता पार्टी से जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी स्वप्निल वरुण ने रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की है। स्वप्निल पूर्व मंत्री स्व. कमलरानी वरुण की बेटी हैं। इनके पक्ष में 32 जिला पंचायत सदस्यों में 25 ने मतदान किया। सपा प्रत्याशी राजू दिवाकर के हिस्से सिर्फ पांच वोट आए।
दो वोट अवैध घोषित हुए। सपा ने जिला पंचायत की 32 में 11 सीटों पर जीत हासिल करके अपना दबदबा दिखाया था, भाजपा के पास सिर्फ नौ सीटें थीं। अध्यक्ष पद के लिए पड़े वोट में सपा के पांच सदस्य भाजपा के खेमे में जा बैठे।
इससे पार्टी की किरकिरी तो हुई ही, साख पर बट्टा भी लगा। समाजवादी पार्टी के सभी सदस्य एक साथ वोट डालने आए थे। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि सपा भाजपा का जोरदारी से मुकाबला करेगी। मगर कुछ ही घंटों में पार्टी के अपने ही कार्यकर्ताओं ने सपा को गच्चा दे दिया।
भारतीय जनता पार्टी के साथ 21 सदस्य वोट करने आए थे। इनमें से निर्दलीय और बसपा के सदस्य भी शामिल थे। भाजपा ने 27 वोट से जीत का दावा किया था। भाजपा का यह दावा लगभग सही साबित हुआ। बताते हैं जो दो वोट अवैध हुए हैं वे सही पड़ते तो जीत निश्चित रूप से 27 वोट से ही थी।