बिजनौर के नजीबाबाद इलाके में चार लोगों को जान से मार चुका आदमखोर तेंदुआ अब शहर के चिड़ियाघर की कैद में रहेगा। वन विभाग की टीम दो दिन पूर्व 80 किलो वजनी और करीब 10 वर्षीय इस नर तेंदुए को चिड़ियाघर में छोड़कर लौट गई। पिछले कई महीनों से तेंदुए ने बिजनौर को दहला रखा था।
नजीबाबाद क्षेत्र में यह तेंदुआ चार लोगों का शिकार कर उन्हें मार चुका है। 14 सितंबर को खेत गई महिला को अपना शिकार बनाया जिसके बाद वन विभाग की टीम सक्रिय हुई। सहयोग के लिए कानपुर चिड़ियाघर के डॉ. नासिर को बुलाया गया था। टीम ने करीब तीन दिन लगातार निगरानी के बाद तेंदुए को पिंजरे में कैद किया। कानपुर में डॉक्टरों की टीम ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जिसमें पता चला कि तेंदुआ बूढ़ा हो चुका है। उसके दांत भी कमजोर हैं। शिकार में कठिनाई के कारण ही उसने इंसानों को आसान शिकार मानकर हमला शुरू कर दिया। रेंजर नावेद इकराम ने बताया कि आक्रामक व्यवहार को देखते हुए जंगल में छोड़ने की बजाय उसे कैद में रखा गया है। उसके स्वभाव में बदलाव के बाद उसे छोड़ा जाएगा।