फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur Karauli Baba: करौली आश्रम से बुजुर्ग लापता, अब तक नहीं मिला सुराग, बेटे ने थाने में दी तहरीर

Thu, 23 Mar 2023 07:09 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

करौली आश्रम से एक व्यक्ति के लापता होने का मामला सामने आया है। झारखंड के देवघर के रहने वाले उमेश यादव ने कानपुर के बिधून थाने में तहरीर देकर अपने पिता के लापता होने की सूचना दी है। उसने बताया कि पिता दो माह पहले मानसिक विक्षिप्त बेटे का इलाज कराने शहर आए थे।
विज्ञापन
करौली बाबा कानपुर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में डॉ. संतोष भदौरिया उर्फ करौबी बाबा और डॉ. सिद्धार्थ के बीच छिड़ी जंग के बीच एक और मामला प्रकाश में आया है। दो माह पहले झारखंड के देवघर से मानसिक रोगी बेटे का इलाज कराने आए बुजुर्ग संदिग्ध हालात में आश्रम से लापता हो गए।

विज्ञापन


उसकी काफी खोजबीन के बाद बड़े बेटे ने नौ फरवरी को बिधनू थाने में तहरीर दी। खास बात यह है कि एक माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस ने उनकी खोजबीन तो दूर आश्रम में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने की जहमत तक नहीं उठाई है।

झारखंड के देवघर निवासी उमेश यादव ने बताया कि उनका छोटा भाई छोटू यादव मानसिक रूप से विक्षिप्त है। 27 जनवरी को उनके पिता छोटे भाई व परिवार के अन्य लोगों के साथ करौली आश्रम इलाज करने के लिए आए हुए थे। देर रात संदिग्ध हालात में भाई और पिता गायब हो गए।

विज्ञापन

पुलिस बरत रही है लापरवाही
काफी खोजबीन के बाद भाई परिसर में मिल गया, लेकिन पिता का कुछ पता नहीं चल सका। इसके बाद उन्होंने नौ फरवरी को बिधनू थाने में तहरीर दी। आरोप है कि पुलिस पिता की खोजबीन करना तो दूर आश्रम में लगे सीसीटीवी फुटेज तक नहीं खंगाली।

गुमशुदी का आवेदन प्राप्त हुआ है। तहरीर में किसी पर आरोप नहीं लगे हैं। आवेदन के आधार पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। जल्द ही उन्हें ढूंढ लेगी।  -आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट पुलिस कमिश्न

रूस और यूक्रेन का युद्ध रुकवाना का किया दावा
दैवीय चिकित्सा का दावा करने वाले विवादों में घिरे डॉ संतोष भदौरिया उर्फ करौली बाबा पति पत्नी के साथ साथ रूस और यूक्रेन को लेकर एक न्यूज चैनल को बड़ा बयान दिए हैं। उन्होंने दावा किया है कि अगर रूस और यूक्रेन के नेता उनके पास आए तो युद्ध रूकवा देंगे।
विज्ञापन

उनका दावा है कि वह रोज ऐसा करते हैं। उनका कहना है कि अगर लोगों के दिमाग से लड़ाई झगड़े की स्मृति हटा दी जाए तो लड़ेंगे ही नहीं। यहां लोग दिन भर लड़ते हुए आते हैं और फिर हाथ डालकर जाते हैं। जबकि बाबा खुद मीडियाकर्मियों के सवाल पर बेतूके बयान दे रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें