इस प्रतियोगिता में कानपुर की दो महिला खिलाड़ियों ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए प्रतिष्ठित 'बेस्ट जुडोका अवॉर्ड' पर भी कब्जा जमाया। खिलाड़ियों की इस शानदार सफलता से कानपुर के खेल जगत और जूडो एसोसिएशन में खुशी की लहर दौड़ गई है।
बालिकाओं और बालकों ने दिखाया जलवा, इवांश ने जीता गोल्ड
प्रतियोगिता के सब-जूनियर और जूनियर वर्गों में कानपुर के खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। बालकों के 13 किग्रा भार वर्ग में इवांश गर्ग ने शानदार दांव-पेच का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि 66 किग्रा से अधिक भार वर्ग में गौरांग बाजपेयी ने कांस्य पदक जीता।
बालिकाओं के 36 किग्रा वर्ग में लक्ष्मी ने कांस्य, 40 किग्रा वर्ग में अनन्या शर्मा ने रजत और 18 किग्रा वर्ग में राजनंदिनी ने कांस्य पदक जीता। इसके अलावा बालिकाओं के 44 किग्रा वर्ग में श्रेष्ठा गौर, 48 किग्रा में निधि भारद्वाज और 63 किग्रा वर्ग में अक्षिता शुक्ला ने अपनी-अपनी स्पर्धाओं में कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।
स्वाति और अंजना बनीं 'बेस्ट जुडोका', संघ ने दी बधाई
चैंपियनशिप का मुख्य आकर्षण बालिका और महिला वर्ग के मुकाबले रहे। बालिकाओं के 44 किग्रा भार वर्ग में स्वाति सिंह ने अपने सभी प्रतिद्वंद्वियों को पटखनी देते हुए स्वर्ण पदक जीता और साथ ही 'बेस्ट जुडोका अवॉर्ड' अपने नाम किया।
इसी वर्ग में अंजना बाजपेयी ने रजत पदक प्राप्त किया। इसके बाद महिला वर्ग के 48 किग्रा भार वर्ग में भी अंजना बाजपेयी ने स्वर्णिम प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक के साथ 'बेस्ट जुडोका अवॉर्ड' जीता। उधर, बालक वर्ग के 55 किग्रा में सौरभ शर्मा और 66 किग्रा में शाश्वत श्रीवास्तव ने रजत, जबकि 60 किग्रा में साहजेब अली ने कांस्य पदक जीता। खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक सफलता पर कानपुर जूडो एसोसिएशन के सचिव दिलशाद सिद्दीकी, राजेश भारद्वाज, उदय, रवि, आतिफ और सूरज थापा ने सभी विजेताओं को बधाई दी।