वहीं, कानपुर के बाद मुजफ्फरनगर का एक्यूआई 342 रहा। मेरठ, लखनऊ, समेत अन्य सभी शहरों में एक्यूआई 300 से कम ही दर्ज किया गया। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भले ही वायु प्रदूषण करने वाले उद्योगों पर कार्रवाई कर कुछ कदम उठाए हैं।
इसके बावजूद शहर में धूलमुक्त वातावरण के लिए जिम्मेदार नगर निगम अभी भी सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करने में जुटा है। नगर निगम और पीडब्लयूडी उखड़ी सड़कें बना ही नहीं रहा है। यही कारण है कि शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़कों व चौराहों के आसपास मिट्टी व धूल जमा है। जाम में सांस लेने भी दूभर होता जा रहा है।
500 तक पहुंच रहा एक्यूआई
पिछले 24 घंटे के प्रदूषण का औसत देखें तो एक्यूआई 358 दर्ज किया गया है, लेकिन कुछ समय के लिए यह 500 तक भी पहुंचा था। सीपीसीबी के अनुसार शुक्रवार को नेहरूनगर में एक्यूआई 452 दर्ज किया गया जो कि बेहद गंभीर श्रेणी में आता है। इस स्तर के एक्यूआई के ज्यादा समय तक बने रहने पर सांस लेने में परेशानी झेल रहे लोगों के अलावा स्वस्थ लोगों पर भी असर डालता है। वहीं, कल्याणपुर में 352 जबकि किदवईनगर में एक्यूआई 298 रहा।
कहां कितना है एक्यूआई....
शहर एक्यूआई
दिल्ली 447
ग्रेटर नोएडा 425
गाजियाबाद 411
नोएडा 406
कानपुर 358
मुजफ्फरनगर 342
मेरठ 299
लखनऊ 290