चीन में आयोजित सम्मेलन में कुलपति प्रो. विनय पाठक
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साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग एवं मैथमेटिक्स (स्टेम) के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चीन अब भारत के विश्वविद्यालयों के साथ समझौता करेगा। यह फैसला चीन के बीजिंग में चल रहे तीसरे ग्लोबल यूनिवर्सिटी एसोसिएशन फोरम ऑन हायर एजुकेशन में लिया गया। सम्मेलन में भारत की ओर से छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति व भारतीय विश्वविद्यालय संघ के अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पाठक और महासचिव डॉ. पंकज मित्तल गए हैं।
सम्मेलन में कुलपति प्रो. विनय पाठक ने कहा कि यूरोपियन और भारतीय विश्वविद्यालय को मिलकर एकेडमिक कॅरिअर पर काम करने की आवश्यकता है। सभी विश्वविद्यालयों को 2030 तक शिक्षा के साथ संस्कृति पर भी काम करना चाहिए। उन्होंने प्राचीन ज्ञान परंपरा और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को लेकर विस्तार से जानकारी दी। भारत, चीन के अलावा अन्य देशों से आए विशेषज्ञों ने भी विश्व में स्टेम एजुकेशन की जरूरत पर चर्चा की। उन्होंने कहा स्टेम एजुकेशन के बिना समाज की चुनौतियों को खत्म नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों ने कहा कि एकेडमिक स्तर के साथ अनुसंधान के क्षेत्र में भी मिलकर काम करने की आवश्यकता है।