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कानपुर: छेड़छाड़ व दुष्कर्म पीड़िता की उजागर की पहचान तो दर्ज होगी एफआईआर, पुलिस कमिश्नर ने दिए निर्देश 

Fri, 23 Jul 2021 01:39 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

छेड़छाड़ व दुष्कर्म पीड़िता की पहचान उजागर करना अपराध की श्रेणी में आता है। इसमें उसका नाम, फोटो, वीडियो आदि गोपनीय रखा जाता है।
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कानपुर पुलिस कमिश्नर असीम अरुण - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर के गोविंद नगर में किशोरी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के प्रयास की घटना के बाद पीड़िता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने मसले को गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को अहम निर्देश जारी किए। अब इस तरह की घटनाओं में जो भी पीड़िता की पहचान उजागर करेगा उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
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इस संबंध में सभी अफसरों, थानेदारों व अन्य पुलिसकर्मियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। छेड़छाड़ व दुष्कर्म पीड़िता की पहचान उजागर करना अपराध की श्रेणी में आता है। इसमें उसका नाम, फोटो, वीडियो आदि गोपनीय रखा जाता है। मगर आमतौर पर तमाम लोग सोशल मीडिया पर पीड़िता का कभी नाम, फोटो तो कभी उसके बयान आदि का वीडियो बगैर ब्लर किए पोस्ट करते हैं।

इससे पीड़िता का सामाजिक व मानसिक उत्पीड़न होता है। पुलिस कमिश्नर असीम अरुण का कहना है कि जिस तरह से गोविंद नगर मामले की पीड़िता के बयान का वीडियो वायरल किया गया है उससे उसकी पहचान उजागर हुई है। ये आपराधिक कृत्य है। इसमें भी मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। भविष्य में इस तरह के मामलों में भी केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिससे पीड़िता की पहचान गोपनीय बनी रहे। 
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सोशल मीडिया पर निगरानी 
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सोशल मीडिया टीम के अलावा क्राइम ब्रांच को भी सक्रिय किया गया है। अगर कभी किसी पीड़िता के साथ ऐसी घटना होती है और उसकी पहचान उजागर की जाती है। तो ये टीमें जांच कर पता करेंगी कि पहचान किसने किसने सार्वजनिक की। उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

इस आईपीसी के तहत होगी कार्रवाई 
अधिवक्ता संदीप शुक्ला ने बताया कि आईपीसी की धारा 228-ए के तहत किसी दुष्कर्म पीड़िता या छेड़छाड़ पीड़िता की पहचान उजागर न करने संबंधी प्रावधान है। अगर कोई इसका उल्लंघन करता है तो इसी आईपीसी के तहत आरोपी पर एफआईआर दर्ज करने का प्रावधान है। इसमें अधिकतर दो साल तक की सजा का प्रावधान है। यही नहीं पीड़िता ऐसे मामलों में मानहानि का मुकदमा भी दायर कर सकती है।
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