कानपुर के गोविंद नगर में किशोरी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के प्रयास की घटना के बाद पीड़िता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने मसले को गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को अहम निर्देश जारी किए। अब इस तरह की घटनाओं में जो भी पीड़िता की पहचान उजागर करेगा उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
इस संबंध में सभी अफसरों, थानेदारों व अन्य पुलिसकर्मियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। छेड़छाड़ व दुष्कर्म पीड़िता की पहचान उजागर करना अपराध की श्रेणी में आता है। इसमें उसका नाम, फोटो, वीडियो आदि गोपनीय रखा जाता है। मगर आमतौर पर तमाम लोग सोशल मीडिया पर पीड़िता का कभी नाम, फोटो तो कभी उसके बयान आदि का वीडियो बगैर ब्लर किए पोस्ट करते हैं।
इससे पीड़िता का सामाजिक व मानसिक उत्पीड़न होता है। पुलिस कमिश्नर असीम अरुण का कहना है कि जिस तरह से गोविंद नगर मामले की पीड़िता के बयान का वीडियो वायरल किया गया है उससे उसकी पहचान उजागर हुई है। ये आपराधिक कृत्य है। इसमें भी मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। भविष्य में इस तरह के मामलों में भी केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिससे पीड़िता की पहचान गोपनीय बनी रहे।