उसके गिरोह में तीन अन्य युवतियों के अलावा इंद्रपाल और पुष्पेंद्र राजावत शामिल हैं। उन्होंने मामले की शिकायत एडीजी जोन भानु भाष्कर से की थी। जांच में सिपाही रवींद्र की भूमिका मिलने पर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।
तत्कालीन एसपी ने किया था बर्खास्त
सिपाही रवींद्र ने ललितपुर में तैनाती के दौरान भी युवतियों की मदद से कई कर्मचारियों और कारोबारियों को हनी ट्रैप में फंसाकर लाखों रुपये वसूल किए थे। तत्कालीन एसपी ललितपुर निखिल पाठक ने उसे बर्खास्त कर दिया था।
कल्याणपुर थाने में भी दर्ज हुई थी एफआईआर
बर्खास्त सिपाही रवींद्र कुमार व उसके साथियों के खिलाफ कल्याणपुर थाने में भी रंगदारी मांगने की धारा में एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। एडीजी की जांच में पता चला कि बर्खास्त सिपाही के खिलाफ ऐसे नौ मामले प्रकाश में आए हैं। छतरपुर में इसी प्रकरण में वह जेल जा चुका है।
चौंकाने वाला ऑडियो
बर्खास्त सिपाही रवींद्र के गिरोह की एक युवती की बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जिसमें युवती स्वीकार कर रही है कि वह रवींद्र के कहने पर पैसे वालों को फंसाती थी। आरोप लगाकर उनसे वसूली करती थी। उसने यह भी बताया कि गिरोह में कई लड़कियां हैं, लेकिन वह उन लड़कियों से कभी मिली नहीं।